यूपी के कानपुर में सर्राफ से टप्पेबाजी का मामला सामने आया है। पुलिसकर्मी बनकर तीन टप्पेबाजों ने सर्राफ से पांच लाख के गहनों की टप्पेबाजी कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
कानपुर के गोविंदनगर में पुलिसकर्मी बनकर तीन टप्पेबाजों ने चेकिंग के नाम पर दबौली निवासी सर्राफ प्रदीप वर्मा से पांच लाख के गहनों की टप्पेबाजी कर दी। टप्पेबाजी का एहसास होने पर पीडि़त ने गोविंदनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने टप्पेबाजों की तलाश में सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं।
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प्रदीप वर्मा ने पुलिस को बताया कि बीते 26 मई को काम से जा रहे थे। जैना पैलेस के पास उन्होंने स्कूटी में पेट्रोल डलवाया। कुछ दूर जाने पर स्कूटी पंक्चर होने पर वह स्कूटी पैदल लेकर जा रहे थे तभी बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें आवाज देकर रोका। खुद को पुलिसकर्मी बताकर चेकिंग कराने को कहा। वजह पूछी तो एक शख्स ने नारकोटिक्स डिपार्टमेंट में तैनात होने की बात कहते हुए उनसे ड्रग्स सप्लाई करने की बात कही। वर्दी में न होने की बात पूछी तो उसने पुलिस के आई कार्ड दिखाए।
चेकिंग के दौरान कहा कि शहर में लूट की वारदातें होने के बावजूद लोग चेन, अंगूठी पहनकर चलते हैं। जब घटना होती है तो पुलिस को जिम्मेदार बताते हैं। उनसे चेन, चार अंगूठी उतार कर कागज में लपेटकर स्कूटी की डिग्गी में रखने को कहा। जब उन्होंने घर जाकर कागज खोला तो अंदर नकली गहने थे। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज में टप्पेबाज नजर आए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।