बालरोगी आर्या को देखते डॉ यशवंत राव
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हैलट के बालरोग अस्पताल में शुक्रवार देर रात रोगी के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा किया। जांचों के लिए रोगी का ब्लड सैंपल लिए जाने पर हंगामे की शुरुआत हुई। डॉक्टरों ने पुलिस को बुला लिया। बाद में परिजन रोगी को लेकर चले गए। घटना के दौरान दो सुरक्षा गार्डों के मूक दर्शक बने रहने पर उन्हें हैलट की नौकरी से हटा कर भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम भेज दिया गया है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि कानपुर देहात के हरचंदापुर, गजनेर के रहने वाले इरशाद अपनी पुत्री आर्या (4) को लेकर शुक्रवार रात 12:30 बजे अस्पताल आए। बच्ची में डेंगू के लक्षण थे। सीनियर बालरोग विशेषज्ञ डॉ. यशवंत राव ने रोगी का परीक्षण किया। इसके बाद जांचों के लिए ब्लड सैंपल लिया जाने लगा। खून निकालने का तीमारदार महिला ने विरोध किया। इसी से हंगामे की शुरुआत हो गई।
उन्होंने बताया कि रोगी के पिता नहीं तीमारदार के साथ आए लोगों ने हंगामा किया। लोग वीडियो बनाने के साथ गाली-गलौज, हंगामा करने लगे। स्वरूपनगर पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस आने पर परिजन बच्ची को ले गए। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि पुलिस को भी पत्र दे दिया गया। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि काम लापरवाही करने वाले सुरक्षा गार्डों को निगम वापस भेज दिया जाएगा।