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Kanpur: बदल रहे अमेरिकी टैरिफ से नए ऑर्डरों पर ब्रेक, 300 से लेकर 400 करोड़ के सौदे रूके, ये कहते हैं विशेषज्ञ

Tue, 24 Feb 2026 09:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: ट्रंप सरकार ने भारत पर टैरिफ घटाकर 15% तो किया है, लेकिन इसे मात्र 150 दिन के लिए लागू करने की शर्त से कानपुर के निर्यातकों में डर है। इस अनिश्चितता के कारण करोड़ों के सौदे रुक गए हैं और लेदर-टेक्सटाइल उद्योग में मंदी का खतरा बढ़ गया है।
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जाजमऊ लेदर इंडस्ट्रीज - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ को असंवैधानिक बताने के बाद ट्रंप ने भारत पर 15 प्रतिशत शुल्क लगाने का ऐलान किया है। नई व्यवस्था मंगलवार से लागू हो रही है। यह केवल 150 दिन के लिए रहेगी। पूर्व में भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क था। सात फरवरी को ट्रंप ने 18 प्रतिशत शुल्क का ऐलान किया था। टैरिफ के लगातार बदल रहे नियमों से निर्यातक असमंजस में हैं। उनका कहना है कि हर दिन नई-नई घोषणा से नए सौदे रोक दिए हैं। द्विपक्षीय व्यापार समझौता होने के बाद ही स्थिरता आ सकेगी। लगभग 300 से 400 करोड़ के साैदे रोके गए हैं।

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निर्यातकों के मुताबिक नया आर्डर मिलने, सैंपल आने और कंसाइनमेंट अमेरिका को जाने में 40-50 दिन का वक्त लग जाता है। राष्ट्रपति की नई टैरिफ व्यवस्था 150 दिन के लिए ही है। ऐसे में तो बेहद कम कंसाइनमेंट वहां जा सकेंगे और 150 दिनों के बाद क्या होगी। यह भी स्पष्ट नहीं है। शहर के लिए अमेरिका बहुत बड़ा बाजार है। अमेरिका को बीते तीन साल में निर्यात तेजी से बढ़ रहा था। शहर से 2500 करोड़ का निर्यात पिछले साल किया गया था। इसमें 1200-1300 करोड़ की अकेले हिस्सेदारी केवल चमड़ा कारोबार की थी, जबकि टेक्सटाइल, हैंडलूम उत्पादों की हिस्सेदारी का आंकड़ा 500-600 करोड़ था।

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कानपुर लेदर इंडस्ट्री - फोटो : amar ujala

50 प्रतिशत टैरिफ लागू करने का आदेश जारी कर दिया
टैरिफ लगने के बाद से वहां की कंपनियों और खरीदारों ने ऑर्डर निरस्त कर दिए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले साल दो अप्रैल को भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो नाै अप्रैल से प्रभावी होना था। हालांकि बाद में इसे 90 दिन तक स्थगित कर दिया गया। बाद में यह नाै जुलाई से प्रभावी किया जाना था फिर इसे 30 जुलाई तक बढ़ा दिया गया। एक अगस्त को रूस से तेल खरीदने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया, जो सात अगस्त से प्रभावी होना था।  फिर इसे 27 अगस्त कर दिया गया और 28 अगस्त की सुबह से 50 प्रतिशत टैरिफ भारत पर लागू करने का आदेश जारी कर दिया गया।

अमेरिकी टैरिफ - फोटो : एएनआई / अमर उजाला / एजेंसी
नए निर्यात आर्डरों पर ब्रेक लग गया
पूर्व में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय समझौता होना था जो बेहद करीब पहुंचने के बाद अंतिम रूप नहीं ले सका था। कुछ रुकावटों के बाद बातचीत शुरू हुई थी। सात फरवरी को भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता की घोषणा की गई थी लेकिन यह अब तक लागू नहीं हुआ था। हालांकि अमेरिकी खरीदारों और शहर के निर्यातकों के बीच बातचीत शुरू हो गई थी। पिछले साल के निर्यात आर्डर के कंसाइनमेंट जाने भी लगे थे। इसी बीच अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट और फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ घोषणा से नए निर्यात आर्डरों पर ब्रेक लग गया है।

लेदर इंडस्ट्री - फोटो : अमर उजाला
बीते तीन वर्षों में अमेरिका को कानपुर से निर्यात
  • वित्तीय वर्ष 2022-23: 1600 करोड़
  • वित्तीय वर्ष 2023-24: 1900 करोड़
  • वित्तीय वर्ष 2024-25: 2500 करोड़

राजेंद्र कुमार जालान,पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद - फोटो : amar ujala
इतनी जल्दी-जल्दी टैरिफ पर बदलाव हो रहा है। इससे पूरे अमेरिकी बाजार और शहर के निर्यातकों में अस्थिरता और असमंजस की स्थिति आ गई है। यह पूरी तरह से अनिश्चितता का दौर है। कोई भी निर्यातक नई डील नहीं कर रहा है।  -राजेंद्र कुमार जालान,पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

यादवेंद्र सचान, चमड़ा उत्पाद निर्यातक - फोटो : amar ujala
अनिश्चितता होने पर कारोबार करना बेहद मुश्किल हो गया है। निर्यातक और आयातक दोनों परेशान हैं। ये शहर के निर्यातकों के लिए बेहतर होगा कि स्थिरता जल्दी आए। हालांकि उम्मीद है कि जल्द ही परिस्थितियां बदलेंगी।  -यादवेंद्र सचान, चमड़ा उत्पाद निर्यातक
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आलोक श्रीवास्तव, संयोजक, फियो - फोटो : amar ujala
18 प्रतिशत शुल्क का अब तक कोई भी आदेश नहीं आया था। इसी बीच 15 प्रतिशत का नया टैरिफ आ गया। तीन प्रतिशत टैरिफ कम जरूर हुआ है लेकिन केवल 150 दिनों के बाद क्या होगा। इससे निर्यातक परेशान हें। नए आर्डर ठप हो गए हैं।  -आलोक श्रीवास्तव, संयोजक, फियो
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