अखिलेश को सशर्त जमानत मिल गई
फिर रवि को अखिलेश ने अपने कार्यालय में बुलाकर मुकदमे से बचाने के लिए 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी। इसी मुकदमे में अखिलेश को पुलिस ने छह अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से वह जेल में ही बंद है। अखिलेश की जमानत अर्जी सेशन कोर्ट से खारिज होने के बाद हाईकोर्ट ने भी 27 अक्तूबर 2025 को जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां सुनवाई के बाद अखिलेश को सशर्त जमानत मिल गई।
यह है मुकदमों की स्थिति
जेल जाने के बाद अखिलेश के खिलाफ एक-एक कर चार और मुकदमे दर्ज हुए थे। दो मुकदमे किदवईनगर थाने में शैलेंद्र कुमार व सुरेश पाल द्वारा दर्ज कराए गए थे। एक मुकदमा अधिवक्ता संदीप शुक्ला द्वारा कोतवाली में दर्ज कराया गया था। एक मुकदमा वक्फ की संपत्ति पर कब्जे के मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज हुआ था। जूही थाने में दर्ज प्रज्ञा त्रिवेदी के मुकदमे में अग्रिम विवेचना में अखिलेश का नाम आने पर चार्जशीट दाखिल हुई है। इनमें से संदीप शुक्ला और शैलेंद्र कुमार की ओर से दर्ज मुकदमों में अखिलेश को सेशन कोर्ट से ही जमानत मिल गई थी।
हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है
सुरेश पाल, रवि सतीजा और वक्फ संपत्ति से संबंधित मुकदमों में सेशन कोर्ट से जमानत खारिज हो गई थी। प्रज्ञा के मुकदमे में जमानत अर्जी पर अपर जिला जज प्रथम की अदालत में सुनवाई चल रही है। रवि सतीजा के मुकदमे में अखिलेश की जमानत याचिका 27 अक्तूबर 2025 को हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई थी। इस आदेश के खिलाफ अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश सुनाया है। वहीं, सुरेश पाल और वक्फ के मुकदमे में हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है।