सेंट्रल पर यात्रियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस भी सीट तक नहीं पहुंच पाई। जमीन पर बैठकर ही कानपुर तक आए। इसी तरह आम्रपाली एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, जोगबनी एक्सप्रेस, आगरा इंटरसिटी समेत अन्य ट्रेनों में स्लीपर से लेकर जनरल कोच यात्रियों की भीड़ से ठसाठस भरे दिखाई दिए।
इमरजेंसी दरवाजे से घुसे यात्री
दिल्ली, बिहार, मुंबई और गुजरात रूट की ट्रेनें जैसे ही सेंट्रल स्टेशन पर रुकी तो यात्री इमरजेंसी दरवाजे खोलकर अंदर घुसे। इस दौरान कई यात्रियों की शर्ट फट गई तो कोई चोटें आ गईं। सेंट्रल स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी के जवान दिखाई दिए लेकिन भीड़ के आगे वह भी बेबस दिखे।
सेंट्रल पर यात्रियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
सप्ताह के अंतिम दिन घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। 726 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाएंगे।
- अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी प्रयागराज मंडल
बसों में नहीं मिली जगह, खड़े होकर गए
परिवहन निगम की ओर से कानपुर से मेरठ, हापुड़, गोरखपुर, बस्ती, लखनऊ, इटावा, आगरा समेत अन्य शहरों की ओर जाने वाली रोडवेज बसें खचाखच भरी दिखाई दीं। यात्रियों को खड़े होकर गंतव्य की ओर जाना पड़ा। निजी बसों में यात्रियों से नोएडा तक का सामान्य दिनों से दोगुना किराया वसूला गया।