केंद्रीय कमेटी ने गुरुवार को स्टेम सेल थैरेपी से संबंधित अभिलेखों की जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में जांच की। वह बिना सूचना के पहुंची। इसके साथ ही विभिन्न काॅन्फ्रेंस में प्रस्तुत किए गए शोध पत्रों को देखा। स्टेम सेल समेत विभिन्न विधियों को लेकर आईआईटी के साथ हुए करार के संबंध में भी जानकारी ली। चार सदस्यीय जांच कमेटी केंद्रीय ड्रग विभाग में हुई शिकायत को लेकर यहां जांच के लिए आई थी। विभाग से शिकायत की गई थी कि बिना इथिकल अनुमति के स्टेम सेल थैरेपी की जा रही है। जांच कमेटी के समक्ष अनुमति से संबंधित पत्र भी प्रस्तुत किए गए।
केंद्रीय जांच कमेटी गुरुवार दोपहर मेडिकल कॉलेज परिसर स्थिति प्रिंसिपल ऑफिस पहुंची। उस समय प्राचार्य डॉ. संजय काला हैलट में सर्जरी विभाग में ऑपरेशन कर रहे थे। वह ऑपरेशन करने के बाद कमेटी के पास पहुंचे। जांच कमेटी में केंद्र से ड्रग इंस्पेक्टर सौरभ मित्तल, वरुण अग्रवाल, नगर की ड्रग इंस्पेक्टर रेखा सचान तथा केजीएमयू की स्पाइनल सर्जरी यूनिट के पूर्व विभागाध्यक्ष और मौजूदा समय में सरस्वती मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरएन श्रीवास्तव शामिल रहे। जांच कमेटी दो दिन में अपनी गोपनीय रिपोर्ट तैयार करके केंद्रीय ड्रग विभाग को देगी। जांच के दौरान मेडिकल कॉलेज के अन्य फैकल्टी सदस्य भी मौजूद रहे।