कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके
मौके पर जांच में सामने आया कि पुलिस कमिश्नर आवास के ठीक पीछे, ब्लॉक नंबर-एक, प्लॉट नंबर-पांच व छह पर दर्ज लगभग 30 हजार वर्गमीटर नजूल भूमि में से करीब पांच हजार वर्गमीटर पर कब्जा किया गया है। जांच टीम को मौके पर पक्के निर्माण, निजी पार्किंग, स्ट्रीट लाइटें, झोपड़ीनुमा ढांचे, चट्टा और ओपन जिम तक संचालित मिला। जब कब्जाधारियों से स्वामित्व या आवंटन संबंधी दस्तावेज मांगे गए, तो कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
पीपीई एक्ट में मुकदमा दर्ज किया
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में महापौर के बेटे बंटी पांडेय समेत अन्य नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की। इससे पहले नगर निगम की जांच में भी अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी थी। लेखपाल हरिशंकर विश्वकर्मा की आख्या के आधार पर पीपीई एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब एसीएम-तीन की अदालत में सुनवाई होगी। दोष सिद्ध होने पर सभी आरोपितों को सरकारी जमीन से बेदखल करने के आदेश जारी होने के साथ करवाई होगी।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ वाद
अमित पांडेय उर्फ बंटी, निजामुद्दीन, राम नारायण, मोहित, पप्पू, जुग्गीलाल, केदारनाथ यादव, शीला, रामकली, मन्नीलाल, अशोक, आशू, मुन्नी कश्यप, सुनीता, रज्जन, प्रेम प्रकाश और रमेश के खिलाफ वाद दायर किया गया है।