मृतक दिनेश के दुखी पिता दिलीप कुमार व बुआ रेनू
- फोटो : amar ujala
रावतपुर निवासी दिलीप का 34 वर्षीय पुत्र दिनेश उर्फ गुडडू करीब एक साल से रावतपुर की कच्ची मड़ैया निवासी बुआ रेनू के घर में रहकर शटरिंग का काम कर रहा था। गुरुवार की तड़के 3:40 बजे रेनू का बेटा सिद्धार्थ और दामाद अभिषेक दिनेश को लेकर रावतपुर थाने आए। वह शराब के नशे में धुत था। सिद्धार्थ ने पुलिसकर्मियों को बताया कि दिनेश मां से रुपये मांग रहा था। नहीं देने पर लेंटर का जाल बांधने वाले तार से उनका गला कसने का प्रयास किया।
इसी बाथरूम में लगाया था फंदा
- फोटो : amar ujala
टीशर्ट के निचले हिस्से को फाड़कर फंदा बनाया
उनके शोर मचाने पर उसे पकड़कर थाने छोड़ गए थे। उसे पुलिस कार्यालय में बैठा लिया गया था। सुबह सात बजे के आसपास दिनेश ने शौचालय जाने की बात कही जिस पर ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड उसे ले गया। करीब 20 से 25 मिनट बाद भी दिनेश बाहर नहीं आया। इस पर होमगार्ड ने अंदर जाकर देखा तो उसके हाथ-पैर फूल गए। दिनेश ने टीशर्ट के निचले हिस्से को फाड़कर फंदा बनाकर जाली से लटका था।
बाथरूम में जांच करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : amar ujala
बवाल की आशंका पर कई थानों का फोर्स रहा मौजूद
इंस्पेक्टर केके मिश्रा समेत अन्य अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई। पुलिसकर्मी दिनेश को लेकर हैलट पहुंचे वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बवाल की आशंका पर रावतपुर, कल्याणपुर, काकादेव, चौबेपुर, बिठूर समेत अन्य थानों का फोर्स बुला लिया गया। एक कंपनी पीएसी भी तैनात कर दी गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार, डीसीपी पश्चिम दिनेश कुमार त्रिपाठी, एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह समेत अन्य अधिकारी आ गए। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य लिए।
पिता के साथ न रहकर बुआ के साथ रह रहा था
बुआ रेनू के मुताबिक, गुड्डू की मां की मौत हो चुकी है। वह पहले अपनी बहन गप्पन के साथ लखनऊ में रह रहा था। शराब की लती था। अब वह उनके घर में ही रह रहा था। काफी पहले लाल इमली के पास गुड्डू ने पंचर की दुकान भी की थी। पिता और भाई से नहीं बनती थी।