आखिर चूहों से प्रत्याशियों को कैसा खतरा..? ये बड़ा सवाल है। आप सोच रहे होंगे कि यूपी चुनाव में चूहों का तो दूर-दूर तक कोई लेनादेना नहीं तो फिर ये अजीबोगरीब स्थिति कैसे पनपी है...
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दरअसल नौबस्ता गल्ला मंडी में लंबे वक्त से खतरनाक चूहों ने लोगों के नाक में दम कर रखा है। 19 फरवरी को होने वाले तीसरे चरण के मतदान के बाद ईवीएम इसी कैंपस में रखी जानी हैं। इनके आतंक को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि यहां ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। इसलिए प्रत्याशियों की रातों की नीद उड़ गई हैं।
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बड़े-बड़े चूहे मंडी की फड़ों को खोखला कर चुके हैं। मंडी के व्यापारी की घिग्घी बंध चुकी है। लंबे समय से वे इस समस्या के चलते माथा पीट रहे हैं। चुनाव की व्यवस्था में लगे अधिकारियों को इस समस्या का पता चला तो वे कुछ परेशानी दिखे हैं। मंडी अफसरों ने चूहों से ईवीएम को बचाने का कोई उपाय करने की मांग बड़े अधिकारियों से की है।
चूहों ने बना रखी है मांद
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एक सप्ताह पहले डीएम के निरीक्षण के दौरान स्ट्रांग रूम की पोल खुली थी। डीएम को बताया गया था कि जिन कमरों में ईवीएम रखी जानी हैं और वहां चूहों ने पहले से होल कर रखा है। यह ईवीएम के लिए खतरा भी बन सकते हैं। डीएम ने चबूतरों के होल बंद कराने के आदेश दिए थे। मंडी प्रशासन ने आनन-फानन में सीमेंट-कंक्रीट से मरमम्त का कार्य शुरू करा दिया है।
चूहों ने बना रखी है मांद
गल्ला मंडी में चूहों ने मांद बना रखी है। सभी चबूतरे भीतर से खोखले हो चुके हैं। कई स्थानों पर बड़े-बड़े होल चूहों की सल्तनत की गवाही दे रहे हैं। हालत यह है कि पूरी मंडी में चूहों का आतंक है। मंडी अधिकारियों ने कई बार मेंटीनेंस कराया लेकिन दो महीने के भीतर चबूतरे फिर खोखले हो गए।