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राहुल-अखिलेश ने किया था आचार संहिता का उल्लंघन, अब वसूला जाएगा किराया

Tue, 07 Feb 2017 05:10 PM IST
वैभव शर्मा, अमर उजाला, कानपुर
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अखिलेश और राहुल - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने जीआईसी मैदान पर संयुक्त रैली कर आचार संहिता का उल्लंन किया था। अमर उजाला द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से इस सरकारी परिसर को चुनावी सभा के लिए देने और आचार संहिता उल्लंघन का मामला उठाने पर अब जिला प्रशासन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से प्रति वर्गमीटर के हिसाब से किराया वसूलने के लिए नोटिस भेजेगा।  
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पूरा खर्च पार्टी या प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जुड़ेगा

राहुल गांधी और अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
रविवार को लालइमली चौराहे स्थित जीआईसी मैदान में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की चुनावी जनसभा हुई थी। केंद्रीय चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता के अनुसार केंद्र व राज्य सरकार के भवन या परिसर में ऐसे किसी चुनावी आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। रविवार को अपरिहार्य कारण और विशेषाधिकार का हवाला देने वाला जिला प्रशासन अब बचाव के लिए दोनों राजनीतिक दलों से जीआईसी ग्राउंड का किराया वसूलेगा। जीआईसी में वरिष्ठ प्रवक्ता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हुए अशफाक अहमद खान ने स्वीकारा कि सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र (जहां चुनावी सभा हुई) के रिटर्निंग अफसर (आरओ) एसीएम तृतीय बाबूलाल ने बताया कि वीवीआईपी किराया वसूलने के लिए कांग्रेस और सपा जिलाध्यक्ष को मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। किराए का मानक जानकर प्रति वर्गमीटर वार वसूली के लिए पत्र भेज दिया जाएगा। भुगतान न करने पर पूरा खर्च पार्टी या प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ दिया जाएगा।

किराया नहीं पता, कैसे भेजेंगे मांगपत्र

कानपुर अखिलेश और राहुल की जनसभा की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के अनुसार इस संबंध में आला प्रशासनिक अधिकारियों ने डीआईओएस से भी बात की है। किराया नहीं पता, कैसे भेजेंगे मांगपत्र हास्यास्पद बात तो यह है कि किराया वसूलने का मानक प्रशासनिक अमले को पता ही नहीं है। जीआईसी प्रशासन का कहना है कि मुख्य कोषाधिकारी या अन्य माध्यम से प्रति वर्गमीटर के हिसाब से किराया वसूलने का नियम समझा जाएगा। फिर वसूली की जाएगी। इसके बाद इसकी सूचना रिटर्निंग ऑफिसर को दी जाएगी। डीएम ने भी किया आचार संहिता का उल्लंघन सरकारी संपत्ति पर चुनावी सभा आयोजित कर अखिलेश यादव और राहुल गांधी या उनके राजनीतिक दलों ने ही नहीं जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
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आचार संहिता का पालन कराने वालों ने ही इसे तोड़ा

राहुल गांधी
इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील रवि किरन जैन के अनुसार आचार संहिता के विरुद्ध सरकारी संपत्ति में चुनावी सभा की अनुमति देकर अधिकारियों ने उल्लंघन किया है। यह और भी गंभीर इसलिए है कि आचार संहिता का पालन कराने वालों ने ही इसे तोड़ा है। इस मामले में जितना राजनीतिक दल दोषी हैं अधिकारी भी दोषी माने जाएंगे। लोकसेवक को हो सकती है जेल वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बक्शी के अनुसार नियमविरुद्ध चुनावी सभा के लिए सरकारी संपत्ति देने वाले लोकसेवक (जिलाधिकारी) पर आईपीसी की धारा 166(ए) के तहत कार्रवाई हो सकती है। कोई भी व्यक्ति मामला कोर्ट में ले जा सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए सीआरपीसी की धारा 197 से भी छूट मिलेगी। यानी लोकसेवक के खिलाफ मुकदमा कराने के लिए सरकार से अनुमति भी नहीं लेनी होगी। ड्यूटी के विपरीत आचरण करने के दोषी अधिकारी को छह महीने से लेकर दो वर्ष तक की सजा हो सकती है।
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