कानपुर हैलट के सर्जरी विभाग में बेरियाट्रिक सर्जरी से एसिड पीने से जले अमाशय को 80 फीसदी छोटा करके दुरुस्त कर दिया गया। लड़की ने गुस्से में पेट भर एसिड पी लिया था। इससे उसका अमाशय, अग्नाशय और आसपास के दूसरे अंग जल गए थे।
हैलट के डॉक्टरों ने उसका खाने की नली, अग्नाशय और दूसरे जले अंग बचाने के साथ ही उसका अमाशय भी बचा लिया। सर्जरी के बाद रोगी की स्थिति में सुधार हो रहा है। हैलट में अपनी तरह का यह अनोखा मामला है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्नाव की रहने वाली दो बहनों में किसी बात पर झगड़ा हुआ।
इसी बीच उसका भाई आया, उसने छोटी बहन को डांट दिया। इससे नाराज होकर 16 साल की लड़की ने टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाले एसिड की पूरी बोतल पी ली। एसिड से पहले उसके खाने की नली जली, फिर अमाशय जल गया। एसिड इतना तेज था कि अमाशय में छेद हो गया और असर दूसरे अंग में चला गया।
रोगी को पहले बालरोग अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत बिगड़ी तो सर्जरी विभाग भेजा गया। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव की अगुवाई में डॉक्टरों ने बेरियाट्रिक तकनीक से सर्जरी की। अमूमन इस तकनीक से मोटापे का इलाज होता है। इसमें अमाशय छोटा किया जाता है। डॉ. यादव ने बताया कि अमाशय में दो इंच छेद हो गया था। उसकी बीपी गिर रहा था और तेज दर्द था। इस तरह की यह पहली सर्जरी है।