कानपुर सड़क हादसे की फाइल फोटो
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कानपुर के सचेंडी हादसे में अब तक पुलिस की बड़ी नाकामी रही है। चार दिन बाद भी बस चालक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। चालक की गिरफ्तारी न होने से केस पर असर पड़ेगा। हादसे के वक्त चालक शराब के नशे में थे। इसलिए 72 घंटे के भीतर उसका मेडिकल जरूरी था।
जिससे शराब पीने की पुष्टि हो जाती। मगर अब ये गुंजाइश खत्म हो गई है। चालक शराब पीये हुए थे ये साबित कर पाना पुलिस के लिये आसान नहीं होगा। जिसका फायदा आरोपी चालकों को मिलेगा। सचेंडी में हाईवे पर मंगलवार रात बस और टेंपो की भिड़ंत में 18 जानें चली गई थीं।
बस सवार यात्री राहुल ने बस चालकों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि हादसे से कुछ ही देर पहले दोनों चालकों ने शराब पी थी। नशे में धुत होकर तेज रफ्तार में गलत तरीके से बस चलाई जिस वजह से हादसा हुआ।
पुलिस की जांच में पता चला कि बस में देवेंद्र और कोई चौहान नाम के ड्राइवर थे। पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं लेकिन चार दिन बाद भी हाथ खाली हैं। पुलिस फजलगंज स्थित शराब ठेके से सीसीटीवी फुटेज जुटा रही है। संभावना है कि आरोपी उस रात वहां पर शराब पीते कैद हुए होंगे।