वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
कस्टम नोटिफिकेशन नंबर 2/2026 के तहत शू अपर एक्सपोर्टर्स को इस योजना में शामिल किया गया है। पहले यह सुविधा लेदर गारमेंट्स, फुटवियर और लेदर प्रोडक्ट्स तक सीमित थी। उद्यमियों का मानना है कि इससे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वर्ष 2024-25 में शू अपर का निर्यात 222 मिलियन डॉलर रहा था। इसके साथ ही आईजीसीआर के तहत निर्यात की समयसीमा को छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष किए जाने और योजना को 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने को भी राहत भरा कदम बताया गया है।
निर्यात और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा
टैग, लेबल, स्टिकर और बेल्ट जैसे आयातित सामान पर कस्टम ड्यूटी छूट बढ़ाए जाने से भी उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जावेद इकबाल, पूर्व रीजनल चेयरमैन, चर्म निर्यात परिषद ने कहा कि बजट में आईजीसीआर स्कीम का विस्तार और यूरोपीय बाजारों में मिली राहत से कानपुर के पारंपरिक लेदर उद्योग को नई दिशा मिलेगी। इससे निर्यात और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।