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UP: ‘पापा, मुझे माफ करना...' सुसाइड नोट में छलका गोल्ड मेडलिस्ट का दर्द, लिखा- मैं सफल नहीं हो पाया, बताई वजह

Sun, 19 Jul 2026 06:35 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Student Suicide News: गोविंदनगर में राज्यपाल से सम्मानित और प्रदेश के विश्वविद्यालयों में तीसरा स्थान पाने वाले मेधावी छात्र आनंद ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार, आनंद सरकारी नौकरी न मिलने से बेहद निराश और मानसिक रूप से परेशान था। सुसाइड नोट में उसने अपनी विफलता के लिए पिता से माफी मांगी है।
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Kanpur Student Suicide Case - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पापा...मुझे माफ करना, मैं सफल नहीं हो पाया। मैं भी भाई-बहन की तरह सरकारी नौकरी करना चाहता था। नौकरी पाने के लिए 50 से ज्यादा प्रयास किए....यह वह भावनात्मक पंक्तियां हैं जिन्हें अंग्रेजी में लिखकर राज्यपाल से सम्मानित गोल्ड मेडलिस्ट आनंद ने गुरुवार दोपहर फंदा लगाकर जान दे दी।

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सूचना पर पहुंची फॉरेंसिक और पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया था। गुजैनी जे-ब्लाॅक निवासी राजकुमार गुप्ता ने बताया कि उनका बड़ा बेटा अमित और बेटी प्रिया बक्सर में सरकारी शिक्षक हैं। छोटा बेटा आनंद भी पढ़ने में काफी मेधावी था। उसने पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों में तीसरा स्थान हासिल किया था।

बेड पर ही सुसाइड नोट रखा मिला
बीते वर्ष उसने सचेंडी स्थित निजी कंपनी में अप्रेंटिस भी की थी। वह सरकारी नौकरी पाने के लिए काफी प्रयास कर रहा था। हालांकि उसे सफलता नहीं मिली। इसको लेकर वह काफी परेशान था। फाॅरेंसिक टीम को कमरे में रखे बेड पर ही उसका सुसाइड नोट रखा मिला है।

Kanpur Student Suicide Case - फोटो : amar ujala
जिसने भी सुना आंसू रोक नहीं पाया
जिस मेधावी युवक की मिसाल देकर इलाके के लोग अपने बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। अचानक उसकी आत्महत्या की सूचना पर सब स्तब्ध रह गए। एक होनहार युवक ने सरकारी नौकरी न मिलने के चलते जीवनलीला खत्म कर ली।

सरकारी नौकरी न लगने के कारण तनाव में था
लोग हैरान थे कि सरकारी नौकरी न सही लेकिन उसकी सफलता के बूते वह किसी भी बड़ी कंपनी में आसानी से अच्छी नौकरी पा सकता था। गोविंदनगर थानाप्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि अंग्रेजी में लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला है। सरकारी नौकरी न लगने के कारण ही तनाव में आत्महत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

Kanpur Student Suicide Case - फोटो : amar ujala
ऐन मौके पर कर दिया था मना
राजकुमार ने बताया कि बेटे अमित की शादी के लिए लड़की देखने पांच दिन पहले वह बिहार गए थे। आनंद को भी संग जाना था हालांकि ऐन मौके पर उसने मना कर दिया। शुक्रवार शाम को नौकरानी घर पहुंची तो दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उसने उनके बड़े बेटे अमित को फोन कर दरवाजा न खुलने की बात बताई।

फंदा लगाने के लिए फ्रिज पर चढ़ा होगा
इस पर उसने वहीं इलाके में रहने वाले दोस्त अमित को घर भेजा। उसके भी खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस कर्मी गेट तोड़कर अंदर पहुंचे, तो शव फंदे पर लटका देखा। कमरे में पहुंचे पुलिसकर्मियों के अनुसार आनंद फंदा लगाने के लिए फ्रिज पर चढ़ा होगा।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
कमरे में रखे तखत पर ही उसका सुसाइड नोट भी रखा मिला है। गोविंदनगर थानाप्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि अंग्रेजी में लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला है। सरकारी नौकरी न लगने के कारण ही तनाव में आत्महत्या की बात लिखी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

ये है पूरा मामला
गोविंदनगर थानाक्षेत्र के गुजैनी जे-ब्लॉक निवासी और राज्यपाल से सम्मानित बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट आनंद कुमार (23) ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। वह काफी प्रयास के बाद भी सरकारी नौकरी न मिलने से आहत थे। घटना के समय वह घर में अकेले थे, जबकि पिता और अन्य बड़े बेटे के लिए लड़की देखने बिहार गए हुए थे।

फंदे से लटका मिला शव
शुक्रवार शाम नौकरानी घर पहुंची तो गेट न खुलने पर मृतक के भाई को सूचना दी। उसने दोस्त संग पुलिस को घर भेजा तब जाकर घटना उजागर हुई। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची, तो फंदे से लटका शव और सुसाइड नोट मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा।

2024 में इलेक्ट्रिकल से बीटेक किया था
गोविंदनगर थानाक्षेत्र के गुजैनी जे-ब्लाॅक निवासी राजकुमार गुप्ता लोहिया कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। वह मूलरूप से बिहार के बक्सर के रहने वाले हैं। पत्नी शांति के निधन के बाद परिवार में बेटा अमित, आनंद कुमार (23) और बेटी प्रिया थे। राजकुमार ने बताया कि छोटे बेटे आनंद ने वर्ष 2024 में भौंती स्थित पीएसआइटी कॉलेज से 2024 में इलेक्ट्रिकल से बीटेक किया था।

सरकारी नौकरी करना चाहता था हासिल
पढ़ने में काफी मेधावी होने के चलते राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 13 अगस्त 2024 को उसे गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था। अपनी प्रतिभा के दम पर उसने पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालय में तीसरा स्थान भी हासिल किया था। बीते वर्ष उसने सचेंडी स्थित निजी कंपनी में अप्रेंटिस भी की थी। उनका बड़ा बेटा अमित और बेटी प्रिया बक्सर में सरकारी शिक्षक हैं।

 

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कई बार प्रयास करने पर भी नहीं मिली सफलता
आनंद भी सरकारी नौकरी पाने के प्रयास कर रहा था। हालांकि कई बार प्रयास करने के बावजूद वह नौकरी हासिल नहीं कर पा रहा था। राजकुमार ने बताया कि बेटे अमित की शादी के लिए लड़की देखने पांच दिन पहले वह बिहार गए थे। आनंद को भी संग जाना था, हालांकि ऐन मौके पर उसने मना कर दिया। 

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