इसके बाद टीम ने दोनों अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई की। कोतवाल राजकुमार सिंह और फायर ब्रिगेड के अधिकारी भी जांच में शामिल हुए। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी निवासी डॉ. सौरभ बाजपेई के आत्महत्या मामले में रामऔतार मेमोरियल हॉस्पिटल के प्रबंधन पर आरोप लगे थे। डॉक्टर के आत्महत्या के मामले में अस्पताल संचालक एसपी सिंह व कर्मचारी मोहन को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
डॉ. सौरभ बाजपेई प्रकरण से जुड़े रामऔतार मेमोरियल हॉस्पिटल सहित तिलक नगर की दो बिल्डिंगों में चल रहे अस्पतालों की जांच की गई। निरीक्षण में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं मिले और रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज भी अधूरे पाए गए। नियमों की अनदेखी पर दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया है। - डॉ. राकेश सिंह, डिप्टी सीएमओ
पुलिस गिरफ्त में सर्वेश सिंह
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