कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के तुर्रा गांव में नशेबाजी का विरोध करने पर सगे भाइयों ने चापड़ से हमला कर अपने चचेरे भाई की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों भाइयों और उनके दो साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। चारों आरोपी फरार हैं।
तुर्रा गांव निवासी सुमित उर्फ छुटकऊ यादव (25) इलाके में स्थित एक बिस्कुट फैक्ट्री मेें काम करता था। बड़े भाई सुशील ने पुलिस को बताया कि रविवार रात वह सुमित के साथ खेत पर पानी लगाने गया था। खेत में सुमित उससे थोड़ी दूर खड़ा था।
तभी, गांव में रहने वाले चचेरे भाई डब्बू व नरेश अपने साथियों दिलीप व उसके साले के साथ सुमित के पास पहुंचे और नशेबाजी करने लगे। सुमित ने विरोध जताया तो चारों ने चापड़ से सुमित के सिर पर कई वार किए और भाग गए। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सुमित को हैलट भेजा गया। यहां सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुशील की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस चारों की तलाश में जुट गई है।
इंजन के शोर में दब गई भाई की पुकार
सुशील ने बताया कि ट्यूबवेल पर लगे इंजन की आवाज के कारण वह भाई की चीखपुकार नहीं सुन पाया। यह सोचकर पास नहीं गया कि नशेबाजी कर रहे हैं। अभी चले जाएंगे। सोचा न था कि चचेरे भाई ऐसा काम करेंगे। आरोपियों के भागने पर जब वह पहुंचा तो सुमित खून से लथपथ पड़ा था।