एडीएम न्यायिक, एसडीएम कोर्ट में खूब था बोलबाला
सूत्रों की मानें तो कई वर्षों से एडीएम न्यायिक कोर्ट में बैठता था। उनकी कोर्ट में चल रहे मुकदमों की पैरवी करता था। तत्कालीन पेशकार का करीबी बताया जाता है। इसके साथ एसडीएम सदर कोर्ट के भी मुकदमों की पैरवी कराता था। उनको निपटाने के लिए सुविधा शुल्क भी लेता था। यही नहीं विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय में भी आना जाना था। कर्मचारियों से मिलीभगत से योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पैसा लेता था।
जिलाधिकारी से शिकायत के बाद निगरानी की जा रही थी। ये कई सालों से कलेक्ट्रेट में दलाली कर रहा था। शिकायत के बाद इसकी पोल खुली। कोतवाली पुलिस को बुलाकर जेल भेज दिया है। कोई भी दलाल अब छोड़ा नहीं जाएगा। - डॉ राजेश कुमार, एडीएम सिटी