इंडियन ऑयल की भारत से नेपाल तक जाने वाली पाइप लाइन में सेंधमारी कर लाखों लीटर डीजल चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को क्राइम ब्रांच और नरवल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। शातिरों की निशानदेही पर 1900 लीटर डीजल, दो लोडर बरामद किए गए है। हालांकि वारदात का मास्टर माइंड व तीन अन्य साथी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। डीसीपी पूर्वी ने खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
इंडियन ऑयल पाइप लाइन डिवीजन पनकी के सहायक प्रबंधक नीरज रस्तोगी ने छह मार्च को नरवल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि इंडियन ऑयल की पाइप लाइन में शातिरों ने नरवल के थेरेपा गांव में सेंधमारी करके पूरा सेटअप लगा दिया। शातिरों ने खेत में खोदाई कर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त कर ड्रिलिंग की और फिर फिटिंग लगाकर नलकी द्वारा तेल की चोरी कर रहे थे। पाइप लाइन में लगातार प्रेशर कम होने पर जब पूरी लाइन का सर्वे कराया गया तो घटना सामने आई थी।
एडीसीपी पूर्वी मनोज पांडेय ने बताया कि मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच और नरवल थाने की टीम ने सर्विलांस की मदद से मंगलवार को गिरोह के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान फर्रुखाबाद के कमालगंज के सिंगुरापुर निवासी रोहित, कमालगंज के वार्ड नंबर 9 गांधी नगर निवासी भाई जी गुप्ता और घाटमपुर के बलहापारा जहांगीराबाद निवासी उज्जवल शर्मा के रूप में हुई है। गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार अन्य लोगों की तलाश में दबिश दी रही है। पकड़े गए शातिरों ने बताया कि उनका गिरोह इससे पहले भी कानपुर में कई बार इंडियन ऑयल की पाइपलाइन में सेंधमारी करके तेल चोरी कर चुका है।
प्रेशर कम आने पर शुरू की गई जांच
एडीसीपी के अनुसार 22 फरवरी, तीन व चार मार्च को बरौनी-कानपुर पाइप लाइन में प्रेशर कम आ रहा था। इस पर अधिकारियों ने पाइप लाइन की जांच शुरू की थी। टीम जब थरेपाह गांव से आगे हथेरुआ की तरफ बढ़े तो एक खेत में मिट्टी खुदी हुई दिखाई पड़ी। अधिकारियों ने मौके की खोदाई कराई तो तेल चोरी की बात सामने आई थी। इंडियल ऑयल के अधिकारियों ने चोरी गए डीजल की जानकारी मांगी है। जो अभी तक उन्होंने उपलब्ध नहीं कराया है। रिमाइंडर भेजा जाएगा।
पेट्रोलिंग गार्ड की भूमिका की भी होगी जांच
एडीसीपी ने बताया कि भारत से नेपाल जाने वाली इंडियन ऑयल पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए प्रति 18 किमी पर 24 घंटे के लिए दो पेट्रोलिंग गार्ड की ड्यूटी लगाई जाती है। जिनके जूते में सेंसर लगा रहता है जिससे कि उनके मूवमेंट के बारे में जानकारी मिल सके। ऐसे में जिस जगह सेंधमारी हुई है। वहां के गार्डों की भूमिका भी जांच जा रही है। उनका नंबर भी सर्विलांस पर लेने के साथ ही कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।