मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही सरकारी महकमों को हर हाल में 15 नवंबर से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश दे चुके हों लेकिन कानपुर नगर निगम के लापरवाह रवैये की वजह से गड्ढे वाली सड़कें लोगों की कमर तोड़ने के साथ साथ अब उनके सांस लेने में भी मुश्किल पैदा कर रही हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को शहर की 13 सड़कों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन सड़कों पर गड्ढे की वजह से धूल और जाम की वजह से प्रदूषण की बात सामने आई है। पता चला है कि गड्ढों की वजह से सड़कों के आसपास के इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब स्तर तक पहुंच रहा है जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। बोर्ड ने इन सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अलावा सफाई कराने के लिए अतिरिक्त मशीनें लगाने, एंटी स्मॉग गन या वाटर गन से पानी का छिड़काव कराने के लिए सुझाव दिया है।