30 सितंबर तक प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई
खिलाड़ियों का कहना है कि चयन के बाद जरूरी दस्तावेज प्रशिक्षक के व्हाट्सएप और कार्यालय में उपलब्ध थे। ऐसे में 19 सितंबर को चयन होने के बाद 30 सितंबर तक दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और जरूरी पत्र पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई। खिलाड़ियों का कहना है कि चयन और प्रतियोगिता के बीच पर्याप्त समय होने के बावजूद यदि प्रशासनिक या दस्तावेजों के स्तर पर चूक हुई है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए।
ट्रायल के दौरान कोच कागजात जमा कराने के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के कार्यालय गई थीं। टीम को झांसी भेजा गया लेकिन वहां क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी का पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को वापस लौटना पड़ा। -संजीव दीक्षित, सचिव, जिला बॉक्सिंग एसोसिएशन
सचिव ने मनमाने तरीके से चयन किया और टीम में कई खिलाड़ियों के नाम बढ़ा दिए। इसके चलते चयन प्रक्रिया और टीम के दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। -अल्पना शर्मा, बॉक्सिंग कोच
विभाग को एसोसिएशन की ओर से पत्रावली पूरी करके नहीं दी गई थी और कई खिलाड़ियों को जरूरी प्रमाणपत्र नहीं मिले थे। बिना विभाग के पत्र मिले एसोसिएशन ने टीम को खेलने भेज दिया। टीम के चयन में बॉक्सिंग कोच की ओर से फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत हुई है। विभाग हर खिलाड़ी को प्रतियोगिता में जाने से पहले किट देता है। एसोसिएशन बिना सूचना दिए और बिना किट के टीम कैसे ले गई इसकी जांच की जाएगी। -कर्मवीर सिंह, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी ग्रीनपार्क