कानपुर हैलट में भर्ती 14 और रोगियों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई है। पैथोलॉजी विभाग ने 15 सैंपल की रिपोर्ट जारी की है। इनमें एक की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अच्छी बात यह है कि समय से इलाज मिलने के कारण रोगियों की आंखें बच जा रही हैं।
रोगियों की आंख में इंजेक्शन लगाया जाता है। इससे ब्लैक फंगस मर जाता है और मस्तिष्क में नहीं बढ़ पाता। शनिवार को ब्लैक फंगस के दो नए रोगी भर्ती हुए हैं। पुष्टि के लिए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। हैलट में कोरोना के रोगी घट रहे हैं और ब्लैक फंगस के बढ़ रहे हैं।