पार्क के मैनेजर ओमेंद्र यादव ने बताया कि संग्रहालय की स्थापना 2005 में लोगों को इतिहास से परिचित कराने के लिए की गई थी। यहां 1857 की क्रांति से जुड़े ऐतिहासिक चित्र, अंग्रेजी सेना की तलवारें और बंदूकें, और क्रांतिकारी तात्या टोपे का खंजर और उनकी जेल से रिहाई का परवाना रखा गया है। संग्रहालय में बाबर के शासनकाल के प्राचीन सिक्के, कुषाण वंश के सिक्के, ताम्र युग के सिक्के, और दुर्लभ डाक टिकट भी मौजूद हैं।
नाना राव पेशवा स्मारक पार्क
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रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं बिठूर संग्रहालय
यहां अंग्रेजी हुकूमत के शाही आदेशों और पुराने जमाने के कागज के नोटों से लेकर 10 हजार तक के नोट भी देख सकते हैं। एक विशेष धरोहर के रूप में, यहां कानपुर के नाम की वर्तनी में हुए 21 बदलावों की सूची भी प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा, प्रताप अखबार की पुरानी प्रतियां और बिठूर के प्रमुख स्थलों व मंदिरों के चित्र भी यहां मौजूद हैं। ओमेंद्र यादव ने बताया कि रोजाना सैकड़ों लोग बिठूर संग्रहालय आते हैं और इतिहास के इन पन्नों को करीब से देखते हैं।