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Kanpur: 1857 की क्रांति और आजादी की यादें समेटे है बिठूर संग्रहालय, दुर्लभ सिक्कों के साथ संजोया है ये खास

Thu, 14 Aug 2025 03:43 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: बिठूर संग्रहालय 1857 की क्रांति और अंग्रेजी हुकूमत से जुड़ी कई ऐतिहासिक निशानियां संजोए हुए है। इसमें क्रांतिकारियों की वस्तुएं, प्राचीन सिक्के और कानपुर के नाम की 21 वर्तनी वाली सूची जैसी दुर्लभ चीजें मौजूद हैं।
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बिठूर संग्रहालय - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर शहर की भागदौड़ से दूर, बिठूर अपनी शांत फिजाओं के बीच 1857 की क्रांति और अंग्रेजी हुकूमत की कई निशानियां संजोए हुए है। यहां गंगा किनारे 52 राजाओं द्वारा बनवाए गए 52 घाटों के साथ, पेशवा महल के पास स्थित नाना राव पेशवा स्मारक पार्क है, जिसके दूसरे द्वार पर बिठूर संग्रहालय मौजूद है। यह संग्रहालय इतिहास प्रेमियों और शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

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बिठूर संग्रहालय - फोटो : amar ujala

पार्क के मैनेजर ओमेंद्र यादव ने बताया कि संग्रहालय की स्थापना 2005 में लोगों को इतिहास से परिचित कराने के लिए की गई थी। यहां 1857 की क्रांति से जुड़े ऐतिहासिक चित्र, अंग्रेजी सेना की तलवारें और बंदूकें, और क्रांतिकारी तात्या टोपे का खंजर और उनकी जेल से रिहाई का परवाना रखा गया है। संग्रहालय में बाबर के शासनकाल के प्राचीन सिक्के, कुषाण वंश के सिक्के, ताम्र युग के सिक्के, और दुर्लभ डाक टिकट भी मौजूद हैं।

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नाना राव पेशवा स्मारक पार्क - फोटो : amar ujala
रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं बिठूर संग्रहालय
यहां अंग्रेजी हुकूमत के शाही आदेशों और पुराने जमाने के कागज के नोटों से लेकर 10 हजार तक के नोट भी देख सकते हैं। एक विशेष धरोहर के रूप में, यहां कानपुर के नाम की वर्तनी में हुए 21 बदलावों की सूची भी प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा, प्रताप अखबार की पुरानी प्रतियां और बिठूर के प्रमुख स्थलों व मंदिरों के चित्र भी यहां मौजूद हैं। ओमेंद्र यादव ने बताया कि रोजाना सैकड़ों लोग बिठूर संग्रहालय आते हैं और इतिहास के इन पन्नों को करीब से देखते हैं।
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