पूर्व विधायक भूधर और आशीष शुक्ला ने षड़यंत्र रचा
स्थानीय नागरिकों की समिति ने विरोध किया। लोगों ने उनसे और अधिवक्ता अखिलेश दुबे से मदद मांगी। अखिलेश ने विभिन्न अदालतों में अपना वकालतनामा लगाकर पैरवी की तो कब्जा रुक गया। कहा पार्क की कीमत करीब 60 से 70 करोड़ है, लेकिन कीमत 8.54 लाख रुपये लगाई गई। इस पर 64 हजार रुपये का स्टांप लगा जोकि स्टांप चोरी का सबूत है। पार्क पर कब्जा न कर पाने से नाराज पूर्व विधायक भूधर और आशीष शुक्ला ने षड़यंत्र रचा। पूर्व सीपी अखिल कुमार संग मिलकर एसआईटी का गठन कराकर उन्हें व अधिवक्ता को फंसाया।
फर्जी प्रार्थना पत्र दिलवाए और जांच को प्रभावित किया
पुलिस कमिश्नर ने अपनी प्रशासनिक क्षमता का दुरुपयोग किया। एसआईटी की जांच में 45 में 37 शिकायतें आधारहीन निकलीं। पूर्व सीपी ने ऑपरेशन महाकाल चलाकर उनके खिलाफ 15 साल पुराने मामले में कार्रवाई की और अखिलेश को जेल भेज दिया। विधान परिषद की सदभाव समिति ने केडीए और नगर निगम से उनका पक्ष मांगा। दोनों ने इसे पार्क बताया। ऑपरेशन महाकाल चलाकर पूर्व सीपी ने भूधर, आशीष शुक्ला सुधीर, संदीप और सौरभ भदौरिया आदि से मिलकर फर्जी प्रार्थना पत्र दिलवाए और जांच को प्रभावित किया।