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Kanpur: 70 करोड़ के पार्क विवाद में फंसाया, पूर्व विधायक और पूर्व CP पर भूपेश अवस्थी का गंभीर षड्यंत्र का आरोप

Tue, 09 Dec 2025 11:16 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में 15 साल पुराने मामले में फरार चल रहे भाजपा नेता भूपेश अवस्थी का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें पूर्व सीपी अखिल कुमार और पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्रा पर 70 करोड़ के पार्क पर कब्जे के विवाद के चलते उन्हें ऑपरेशन महाकाल में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है।
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भूपेश अवस्थी और अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में महिला होटल कारोबारी से लूट और मारपीट के 15 साल पुराने मामले में फरार चल रहे भाजपा नेता भूपेश अवस्थी का सोमवार को पहला वीडियो वायरल हुआ। इसे अधिवक्ता अखिलेश दुबे की बेटी ने वायरल किया। वीडियो में भूपेश ने खुद को भाजपा के श्रम प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बताते हुए सीएम से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्रा पर पार्क के चक्कर में झूठे मामले में मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया।

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कहा कि पूर्व सीपी अखिल कुमार ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर ऑपरेशन महाकाल में उन्हें और अधिवक्ता अखिलेश दुबे को फंसाया है। ऑपरेशन महाकाल का सच, असली गुनहगार कौन..नाम का यह वीडियो नौ मिनट 54 सेकेंड का है। इसमें भूपेश कहते हैं कि साकेतनगर स्थित पार्क संख्या 70 नगर निगम के अभिलेखों में पार्क है। आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेसी विधायक भूधर नारायण मिश्रा, आशीष शुक्ला ने जवाहर विद्या समिति बनाई। केडीए से सांठगांठ कर पुलिस के साथ कब्जा लेने पहुंच गए।

पूर्व विधायक भूधर और आशीष शुक्ला ने षड़यंत्र रचा
स्थानीय नागरिकों की समिति ने विरोध किया। लोगों ने उनसे और अधिवक्ता अखिलेश दुबे से मदद मांगी। अखिलेश ने विभिन्न अदालतों में अपना वकालतनामा लगाकर पैरवी की तो कब्जा रुक गया। कहा पार्क की कीमत करीब 60 से 70 करोड़ है, लेकिन कीमत 8.54 लाख रुपये लगाई गई। इस पर 64 हजार रुपये का स्टांप लगा जोकि स्टांप चोरी का सबूत है। पार्क पर कब्जा न कर पाने से नाराज पूर्व विधायक भूधर और आशीष शुक्ला ने षड़यंत्र रचा। पूर्व सीपी अखिल कुमार संग मिलकर एसआईटी का गठन कराकर उन्हें व अधिवक्ता को फंसाया।
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फर्जी प्रार्थना पत्र दिलवाए और जांच को प्रभावित किया
पुलिस कमिश्नर ने अपनी प्रशासनिक क्षमता का दुरुपयोग किया। एसआईटी की जांच में 45 में 37 शिकायतें आधारहीन निकलीं। पूर्व सीपी ने ऑपरेशन महाकाल चलाकर उनके खिलाफ 15 साल पुराने मामले में कार्रवाई की और अखिलेश को जेल भेज दिया। विधान परिषद की सदभाव समिति ने केडीए और नगर निगम से उनका पक्ष मांगा। दोनों ने इसे पार्क बताया। ऑपरेशन महाकाल चलाकर पूर्व सीपी ने भूधर, आशीष शुक्ला सुधीर, संदीप और सौरभ भदौरिया आदि से मिलकर फर्जी प्रार्थना पत्र दिलवाए और जांच को प्रभावित किया।
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