फूड डिलीवरी एप को डाउनलोड किया था
अमूमन रवींद्रनाथ सोनी होटल का खाना ही खाता था। गिरफ्तारी वाले दिन वह परिवार के साथ देहरादून के एक होटल में था। उसे खाना पसंद नहीं आया तो उसने तवा रोटी, सब्जी और पिज्जा आर्डर करने के लिए मोबाइल पर फूड डिलीवरी एप को डाउनलोड किया। शातिर यहीं चूक कर गया और एप में लॉगइन करने के लिए अपना नाम व लोकेशन शेयर की। इस दौरान क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम देहरादून के आसपास ही थी। टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उसे होटल से दबोच लिया।
महाठग की जांच के लिए एसआईटी गठित
महाठग और उससे जुड़े मामले की जांच के लिए दस सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। इसकी अगुवाई एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा कर रही हैं। सोमवार कोतवाली पुलिस ने मामले से जुड़े सारे दस्तावेज एसआईटी के हवाले कर दिए हैं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक एसआईटी ने कार्य शुरू कर दिया है। आरोपी के दिल्ली, नोएडा, मेरठ, गुरुग्राम और एनसीआर क्षेत्र में कई संपत्तियों का पता चला है। यह संपत्तियां आरोपी ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी हैं। कुछ नामी फ्लैट्स की भी जानकारी मिली है। पुलिस की टीमें और जानकारी जुटा रही है।