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खाने के शौक ने फंसाया: 1500 करोड़ के महाठग ने ऑर्डर किया खाना, लोकेशन मिलते ही पकड़ाया…10 सदस्यीय SIT गठित

Tue, 09 Dec 2025 10:52 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: दुबई से फरार 1500 करोड़ की ठगी के आरोपी महाठग रविंद्रनाथ सोनी को देहरादून के एक होटल से तब गिरफ्तार किया गया, जब उसने पसंद का खाना ऑर्डर करने के लिए फूड डिलीवरी एप एक्टिवेट करके अपनी लोकेशन उजागर कर दी। अब 10 सदस्यीय एसआईटी मामले की जांच करेगी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भारत, दुबई, शारजाह, ओमान, अमेरिका समेत कई देशों के 700 से अधिक लोगों से 1500 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोपी महाठग रविंद्रनाथ सोनी रिश्तेदार के मोबाइल फोन पर फूड डिलीवरी एप को एक्टिवेट करके पुलिस की गिरफ्त में आ गया। ठग दुबई से फरार होकर देहरादून में छिपकर रह रहा था। पसंद का खाना ऑर्डर करने के लिए एप में अपना नाम, लोकेशन शेयर करते ही देहरादून में मौजूद क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम को उसकी लोकेशन मिल गई।

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टीम ने उसे एक होटल से गिरफ्तार किया और शहर लाने के बाद कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम 42.29 लाख की ठगी के मामले में उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी खुद का मोबाइल इस्तेमाल नहीं कर रहा था। पुलिस उसकी तलाश में रिश्तेदारों पर भी नजर बनाए हुए थी। उनके नंबरों को भी सर्विलांस पर लगाया गया था।

फूड डिलीवरी एप को डाउनलोड किया था
अमूमन रवींद्रनाथ सोनी होटल का खाना ही खाता था। गिरफ्तारी वाले दिन वह परिवार के साथ देहरादून के एक होटल में था। उसे खाना पसंद नहीं आया तो उसने तवा रोटी, सब्जी और पिज्जा आर्डर करने के लिए मोबाइल पर फूड डिलीवरी एप को डाउनलोड किया। शातिर यहीं चूक कर गया और एप में लॉगइन करने के लिए अपना नाम व लोकेशन शेयर की। इस दौरान क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम देहरादून के आसपास ही थी। टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उसे होटल से दबोच लिया।

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महाठग की जांच के लिए एसआईटी गठित
महाठग और उससे जुड़े मामले की जांच के लिए दस सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। इसकी अगुवाई एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा कर रही हैं। सोमवार कोतवाली पुलिस ने मामले से जुड़े सारे दस्तावेज एसआईटी के हवाले कर दिए हैं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक एसआईटी ने कार्य शुरू कर दिया है। आरोपी के दिल्ली, नोएडा, मेरठ, गुरुग्राम और एनसीआर क्षेत्र में कई संपत्तियों का पता चला है। यह संपत्तियां आरोपी ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी हैं। कुछ नामी फ्लैट्स की भी जानकारी मिली है। पुलिस की टीमें और जानकारी जुटा रही है।
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