17 दिसंबर को हुए बार एसोसिएशन चुनाव में बार कौंसिल पर्यवेक्षकों से अभद्रता करने के आरोप में पवन तिवारी को बिना उनका पक्ष सुने यूपी बार कौंसिल ने उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया था। मामले में पवन ने बीसीआई में शिकायत करने के साथ हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी। पवन का कहना है कि बीसीआई के आदेश की प्रति शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान दाखिल की जाएगी।
निलंबित अधिवक्ता पवन कुमार तिवारी के मामले की सुनवाई करते हुए बार कौंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने यूपी बार कौंसिल के आदेश को नियमविरुद्ध माना है। आरोपी का पक्ष सुनने के बाद ही कौंसिल की आमसभा बुलाकर एडवोकेट एक्ट के तहत दो सप्ताह में मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
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तब तक बार एसोसिएशन चुनाव पर भी रोक लगा दी है। बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सचिव श्रीमंतो सेन ने आदेश में कहा कि पवन को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए। एल्डर्स कमेटी की रिपोर्ट लेकर एडवोकेट एक्ट में दी गई प्रक्रिया का पालन करें।
यूपी बार कौंसिल सभी सदस्यों की मीटिंग बुलाकर उसमें एडवोकेट एक्ट और कानून के तहत मामले का निस्तारण करे। 17 दिसंबर को हुए बार एसोसिएशन चुनाव में बार कौंसिल पर्यवेक्षकों से अभद्रता करने के आरोप में पवन तिवारी को बिना उनका पक्ष सुने यूपी बार कौंसिल ने उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया था।
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मामले में पवन ने बीसीआई में शिकायत करने के साथ हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी। पवन का कहना है कि बीसीआई के आदेश की प्रति शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान दाखिल की जाएगी।