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Kanpur: सिविल लाइंस में करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जाने का प्रयास, 33 लोगों पर दर्ज की गई रिपोर्ट

Mon, 29 Jul 2024 10:56 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सरकारी जमीन कब्जाने का प्रयास किया गया। महिलाओं से बदसलूकी का आरोप है। दूसरे पक्ष के पहुंचने पर हंगामा शुरू हो गया। लेखपाल की तहरीर पर 13 नामजद व 20 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
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सरकारी जमीन कब्जाने का प्रयास - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में सिविल लाइंस स्थित नजूल की करोड़ों की जमीन पर रविवार सुबह कब्जा करने का प्रयास किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने परिसर में घुसकर कमरों में ताला लगाने के साथ ही हंगामा किया। अंदर रहने वाली महिलाओं से बदसलूकी की गई। पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के पहुंचने पर लोग वहां से भाग गए। लेखपाल की तहरीर पर कोतवाली थाने में 13 नामजद समेत 20 अन्य लोगों पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। देर रात कोतवाली पुलिस ने कई को हिरासत में ले लिया। इसके चलते कोतवाली में हंगामा भी हुआ।

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सिविल लाइंस हडर्ड चौराहा के पास एक जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। इसी जमीन पर कब्जा करने के लिए कुछ लोग रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे पहुंच गए। कमरों में ताला डालने के साथ ही विवाद की स्थिति पैदा हो गई। परिसर में रह रहे लोगों की सूचना पर डीसीपी पूर्वी एसके सिंह, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। अफसरों और पुलिस को देख कब्जा करने पहुंचे लोग वहां से निकल गए। देर शाम इस मामले में तहसील सदर में तैनात लेखपाल विपिन कुमार ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। लेखपाल की तहरीर के मुताबिक उनके क्षेत्र में नजूल भूखंडों (ब्लक-15, भूखंड सं-69, 69ए 69बी) पर कब्जे का प्रयास किया गया। आरोपी वहां लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर भी निकाल ले गए।

क्या है जमीन का विवाद
डीसीपी पूर्वी एसके सिंह ने बताया कि जमीन आजादी से पहले सन् 1810 में वूमेंस यूनियन मिशनरी को 99 साल के पट्टे पर दी गई थी। उसके बाद यह यूनाइटेड फॉलोशिप ऑफ क्रिश्चियन सर्विस को लीज पर दी गई। डीसीपी के मुताबिक इसमें एक गुट इमेनुअल और एक सैमुअल का है। इनके बीच जमीन की कब्जेदारी को लेकर विवाद चल रहा है। इसमें झांसी का एक इसाई समुदाय का रहीस हरेंदर मसीह भी शामिल है। डीसीपी के मुताबिक उसने जमीन की पॉवर ऑफ अटॉर्नी अवनीश दीक्षित के नाम कर दी। अवनीश ने इसका केयरटेकर जीतेश झा को बना दिया। इसी आड़ में अवनीश दीक्षित समेत अन्य लोग कब्जा करने पहुंच गए। सैमुअल से पुलिस ने बात की तो उन्होंने कहा कि वह प्रार्थना कराकर चले गए थे।

गेटमैन को बंधक बनाया
डीसीपी के अनुसार अवनीश दीक्षित और उसके साथियों ने गेटमैन को बंधक बनाया। कैमरों का डीवीआर का पता लगाया। उसे निकालकर कब्जे में ले लिया। दूसरा गुट जब वहां पहुंचकर हंगामा करने लगा तो धमकी भी दी। उसके बाद हंगामा बढ़ता देख मौके से निकल गए। इस दौरान दूसरे गुट की महिला से बदसलूकी भी की गई है।

महिला की तहरीर पर दूसरी रिपोर्ट
जिस महिला से जमीन कब्जाने के दौरान विवाद हुआ। उन्होंने अवनीश दीक्षित समेत सभी आरोपियों के खिलाफ धमकाने, तोड़फोड़ संपत्ति में जबरन घुसने और अवैध वसूली की धारा में एफआईआर दर्ज कराई है। डीसीपी ने बताया कि महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।

दोनों एफआईआर की विवेचना कोतवाली प्रभारी को
दोनों एफआईआर दर्ज करने के बाद विवेचना कोतवाली प्रभारी को सौंपी गई है। विवादित जमीन का मामला क्या है और कोर्ट में मामला कहां तक पहुंचा है, जरूरत पड़ने पर कोर्ट को भी इससे अवगत कराया जाएगा। - हरीश चंदर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर
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इनके नाम दर्ज हुई रिपोर्ट
हरेंद्र मसीह, राहुल वर्मा, मौरिस एरियल, कमला एरियल, अभिषेक एरियल, अर्पण एरियल, अवनीश दीक्षित, जीतेश झा, मोहित बाजपेई, संदीप, विक्की चार्ल्स, अब्बास, जितेंद्र के अलावा 20 अज्ञात।

आरोपियों के समर्थन में कोतवाली पहुंचे समर्थक, पुलिस पर पीटने का आरोप
एफआईआर दर्ज होने के बाद अवनीश दीक्षित व अन्य को हिरासत में लेने की खबर मिलते ही आरोपियों के समर्थन में लोग कोतवाली पहुंच गए। इसमें राजनैतिक दलों के कुछ लोग, कुछ अधिवक्ता भी थे। इन लोगों ने हंगामा किया तो डीसीपी पूर्वी एसके सिंह, एडीसीपी लखन कुमार, एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार पुलिस और पीएसी के साथ कोतवाली पहुंच गए। आरोपियों के समर्थन में पहुंचे लोगों ने पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया। वहीं पुलिस अफसरों ने मीडिया सेल के माध्यम से पिटाई के आरोप का खंडन किया है। वहां, देर रात आरोपियों के समर्थक कोतवाली परिसर में डटे थे।
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