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हर दो महीने में यही नाटक
पूर्व पार्षद अशोक दुबे ने पावर हाउस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। प्लांट से निकला राख का पानी हर दो-तीन महीने में सड़कों पर बहने लगता है, जिससे लाखों की लागत से बनी पक्की सड़कें पूरी तरह उधड़कर बर्बाद हो जाती हैं।
सिर्फ मिलते हैं झूठे आश्वासन
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी इस समस्या की शिकायत की जाती है, तो जिम्मेदार अफसर सिर्फ कोरा आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसी अनदेखी से तंग आकर आज जनता को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ा है। मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया है।