कानपुर में नारायण सिंह भदौरिया और उसके तीन अन्य साथियों के खिलाफ गोविंदनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। गोविंद नगर थाना प्रभारी धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, लेकिन अधिवक्ता के बताए जमीन के मामले में वह खुद भी आरोपी हैं।
पूर्व बीजेपी नेता व अधिवक्ता नारायण सिंह भदौरिया के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हो गया है। घाटमपुर में न्यायिक अधिकारी की मां के नाम जमीन को धोखे से बेचने वाले आरोपी अधिवक्ता पारसनाथ शर्मा ने नारायण सिंह भदौरिया और उसके तीन अन्य साथियों के खिलाफ गोविंदनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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अधिवक्ता का आरोप है कि नारायण ने साजिश के तहत महिला विक्रेता की जगह किसी और को खड़ा करके उन्हें फर्जी बैनामा करवा दिया था। पीरोड रामबाग निवासी पारसनाथ शर्मा ने बताया कि किदवईनगर निवासी नारायण सिंह भदौरिया उनके दोस्त थे। उन्होंने घाटमपुर के पतारा में 20 लाख रुपये कीमत की जमीन बताई।
नारायण सिंह तिलसहरी बुजुर्ग निवासी साथी संदीप कुमार के साथ आए और जमीन को साफ-सुथरा बताते हुए खरीदने को कहा। दो साल पहले एग्रीमेंट कराकर उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से 20 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। पारसनाथ ने बताया कि जांच में पता चला कि जमीन की वास्तविक मालिक विभा त्रिपाठी के बजाय उनके स्थान पर विजयलक्ष्मी गुप्ता नाम की महिला को खड़ा करके फर्जी बैनामा करवाया गया था। गोविंद नगर थाना प्रभारी धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, लेकिन अधिवक्ता के बताए जमीन के मामले में वह खुद भी आरोपी हैं।