उत्तर प्रदेश के कानपुर में तैनात रहे एक सीनियर आईपीएस अफसर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शासन में शिकायत हुई है। करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। शासन ने शिकायत को गंभीरता से लेकर शिकायतकर्ता अधिवक्ता को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
आईपीएस के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य और शपथ पत्र भी मांगा है। अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने 23 फरवरी को शासन में लिखित शिकायत की थी। इसमें सीनियर आईपीएस और उनकी पत्नी पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया है। सौरभ के मुताबिक अफसर का बेकरी का बड़ा कारोबार है।
कानपुर, लखनऊ, बरेली समेत कई अन्य शहरों में संपत्तियां हैं। इसके कुछ दस्तावेज भी शिकायत के साथ भेजे थे। सौरभ के पास अब शासन से एक पत्र आया है। इसमें लिखा है कि शिकायत को संज्ञान में लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कहा है कि सबसे पहले उन्हें बयान दर्ज कराने होंगे। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आईपीएस पुलिसकर्मियों का समुदाय देखकर व्यवहार करते थे। बेकरी में फॉलोअर व अन्य पुलिसकर्मियों से काम करवाने का भी आरोप है। शिकायती पत्र के साथ कई फॉलोअर के नाम मोबाइल नंबर आदि भी भेजा है।
एक आईएएस देख रहे पूरा मामला
शिकायती पत्र में मामले की जांच एक वरिष्ठ आईएएस अफसर से कराने की मांग की गई थी। एक आईएएस पूरा मामला देख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच एक आईपीएस को दी गई। जो आरोपों के संबंधों के सभी साक्ष्यों आदि का सत्यापन कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजेंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी।