लखनऊ में रविवार को वकीलों के चैंबर तोड़े जाने और मंगलवार को नजारत प्रभारी की ओर से पुलिस कमिश्नर को कचहरी के आसपास का अतिक्रमण हटाने संबंधी पत्र भेजे जाने की जानकारी पर गुरुवार को अधिवक्ता खुद सड़क पर उतर पड़े। सड़क किनारे बने चैंबर टूटने का डर सताया तो अधिवक्ताओं ने सुबह से सड़क पर लगने वाले ठेले, खोमचे वालों, ई-रिक्शा, ऑटो वालों को खदेड़ दिया। दोपहर 12 बजे कचहरी के आसपास भीषण जाम के कारण दोपहिया वाहन को सौ मीटर की दूरी तय करने में आधा घंटा लग जाता था वहीं एंबुलेंस और पुलिस व न्यायिक अधिकारियों के वाहन धड़धड़ाते निकल गए।
भीमराव आंबेडकर द्वार के सामने सड़क पर ही एक ओर सब्जी विक्रेता तो दूसरी ओर फल विक्रेता ठेले लगाकर जगह घेर लेते थे। इसके अलावा जूस व खाने-पीने के सामान के ठेले और ई-रिक्शा व ऑटो वाले भी सड़क घेरकर खड़े रहते थे। यहां पूरे दिन जाम लगा रहता था।
गुरुवार को बार व लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आम अधिवक्ताओं ने मिलकर सड़कें खाली करवा दीं। चेतना चौराहे से लेकर गेट नंबर दो तक सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण बिना किसी पुलिस फोर्स के हटवा दिया। इस दौरान लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा, महामंत्री राजीव यादव, बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा, अमर सिंह, विजय कनौजिया, मनोज द्विवेदी, अभिषेक तिवारी, अमित सिंह राठौर, विवेक सिंह आदि मौजूद रहे।
पुलिस अफसरों संग बैठक में हुआ मंथन
बार एसोसिएशन के रामनाथ सेठ हॉल में बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों संग पुलिस के आला अफसरों की बैठक हुई। इसमें अतिक्रमण हटाने को लेकर मंथन हुआ। एसोसिएशन की ओर से सहयोग का वादा किया गया वहीं पुलिस ने मधुवन तिराहे से चेतना चौराहे तक वन-वे का सख्ती से पालन कराने की बात कही। सड़क पर ठेले या ई-रिक्शा, ऑटो वालों का अतिक्रमण न हो इसके लिए अलग से फोर्स भी लगाने की बात तय हुई। वाहन स्टैंड का विकल्प तलाशने को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।