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Kanpur: 40 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, तीन किशोरियों को बेचा था, पहचान बदलकर लगा रहा था ठेला, ऐसे खुली पोल

Fri, 07 Aug 2026 02:14 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जूही पुलिस ने तीन किशोरियों को अगवा कर बेचने के 40 साल पुराने मामले में सजायाफ्ता आरोपी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी पहचान छिपाकर थाने से महज दो किलोमीटर दूर किदवईनगर में ठेला लगा रहा था, जिसे पुलिस ने वोटर आईडी और बीएलओ की मदद से ढूंढ निकाला और कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया।
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जूही में 40 साल बाद पकड़ा गया आरोपी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में जूही पुलिस ने तीन बालिकाओं को अगवा कर बेचने के सजायाफ्ता आरोपी को 40 साल बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे लखनऊ समेत आसपास के जिलों में खोज रही थी जबकि आरोपी जूही थाने से सिर्फ दो किमी दूर किदवईनगर कच्ची बस्ती में अपनी पहचान छिपा कर रह रहा था। मामले में उसकी पत्नी भी आरोपी थी जिसकी दो साल पहले मौत हो चुकी है। आरोपी हाईकोर्ट में अपील कर जेल से बाहर आया था।

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इसके बाद से फरार हो गया था। गुरुवार को कोर्ट के आदेश पर उसे फिर जेल भेजा गया। जूही थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि वर्ष 1984 में जूही के साईंपुरवा कच्ची मड़ैया निवासी प्रदीप कुमार ने इलाके की दो 13 वर्ष और एक 14 वर्ष की किशोरी को अगवा कर बेच दिया था। पुलिस ने आईपीसी की धारा 363 और 366 में रिपोर्ट दर्ज कर किशोरियों को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

तीन किशोरियों को अगवा किया था
कुछ समय बाद जमानत पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया था। इधर हाईकोर्ट ने पुराने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस आयुक्त से जवाब-तलब किया था। सात अगस्त को इस मामले में पुलिस आयुक्त को जवाब दाखिल करना था। इंस्पेक्टर केके पटेल ने बताया कि कोर्ट ने प्रदीप उसकी पत्नी फगुनी उर्फ राजकुमारी और तब मकान मालकिन रही एक महिला को दोषी ठहराया था। पत्नी की 2024 में मृत्यु हो चुकी है। जिन तीन किशोरियों को अगवा किया गया था, उनमें से भी एक की मौत हो चुकी है।
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वोटर आईडी से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक, करीब दो माह से आरोपी के खिलाफ सर्च अभियान चल रहा था। तलाश में लगी एक टीम को आरोपी का वोटर आईडी हाथ लगा। इसपर चुनाव आयोग की वेबसाइट खंगाली गई। वहां से आरोपी का एपिक नंबर मिला। इसके बाद परिवार का ब्यौरा खंगाला गया। बीएलओ से संपर्क किया तो एक रिश्तेदार प्रकाश में आया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।
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