रमईपुर: नाले ने गायब कर दिया सड़कों का सोल्डर
रमईपुर खामियों से पटा पड़ा है। रमईपुर में सड़क से एक फुट ऊपर बने नाले सड़कों के सोल्डर गायब कर दिए हैं। इससे भी सड़क हादसे हो रहे हैं। वहीं, घुमावदार मोड़ पर भी ओवरटेक करने के चिन्ह बना दिए गए हैं। यहां तक कि चिन्ह व संकेतक में भी अंतर है। इससे वाहन चलाते समय चालक गुमराह होते हैं। चौराहे से आगे बढ़ते ही हाईवे पर स्थित एसजे महाविद्यालय के पास घुमावदार मोड पड़ता है। यहां भी कार्यदायी संस्था की ओर से न तो सड़क पर चिन्ह बनाए गए हैं और न ही स्प्रींग पोस्ट डिवाइडर ही दिखाई दिया।
सजेती टोल: साहब का पता नहीं, मजदूर बना रहे चिन्ह
हाईवे पर 50 किमी की पड़ताल में अमर उजाला की टीम को कई जगह चिन्हों में कमियां देखने को मिलीं। इस बीच सजेती के निकट टोल के पास हाईवे पर मजदूर चिन्ह बनाते दिखाई दिए। अमर उजाला की टीम ने जब उनसे पूछा कि इंजीनियर कहां है। इस पर खुद को सुपरवाइजर बताने वाले सतीश कुमार ने बताया कि साहब संदीप श्रीवास्तव कहीं गए हुए हैं। काम कराने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। ऐसे में साफ है कि बिना इंजीनियर के चिन्ह बनाने वाले मजदूरों से कोई चिन्ह बनाने में गलती भी हो सकती है।
आठ माह में मिले 87 शव, 35 ने सड़क हादसों में गंवाई जान
कानपुर के बीच स्थित 27 किमी. एलिवेटेड हाईवे पर कोई कैमरा नहीं है। अमर उजाला की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ। 10 किमी एलिवेटेड के बीच बीते आठ माह में 87 शव मिल चुके हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक 35 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई हैं। हादसा करने वाले वाहन कौन थे और किसकी गलती से हादसे हुए, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
गुजैनी से सचेंडी एलिवेटेड हाईवे पर एक भी कैमरा नहीं
यदि कैमरे लगे होते तो मौत की नींद सुलाने वाले लोगों को सजा दिलाई जा सकती थी। तीन दिन पूर्व भौंती बाईपास के पास हुए हादसे की मुख्य वजह कैमरा न होने से स्पष्ट नहीं हो सकी। शहर में संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाए जा रहे हैंं, लेकिन इतने जोखिम भरे रास्ते पर जहां आए दिन सड़क हादसे होते हैं, वहां पर एक भी कैमरा न होना हैरत की बात है।
सड़क सुरक्षा पखवाड़े में 19 मौतें, 14 हुए घायल
कानपुर सड़क सुरक्षा पखवाड़ा सिर्फ कागजों और मीटिंग में ही सिमट के रह गया। पखवाड़े में 15 दिनों में 19 लोगों की मौत हो गई। वहीं 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन जिम्मेदार चालान और जागरूकता अभियान में ही लगे रहे। इस पखवाड़े में निदेशालय से निर्देश थे कि मुख्य रूप से हादसों को रोकने पर काम किया जाए।
4121 लोगों को चालान करने का दावा किया गया
ड्रिंक एंड ड्राइव और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। जिससे कि लोगों की जान न जाए। पूरा पखवाड़ा खत्म हो गया। इस पखवाड़े में 20 बड़े हादसे हुए जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। सबसे बड़ा हादसा भौंती बाईपास पर हुआ। इसमें चार बीटेक छात्रों समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। इधर ट्रैफिक विभाग इस पखवाड़े में 4121 लोगों को चालान करने के साथ ही 17560 लोगों को जागरूक करने का दावा किया गया है।