होली के बाद काम पर लौटने वालों की भीड़ सोमवार को भी सेंट्रल पर उमड़ी। लंबे रूट के यात्री अधिक रहे। स्थिति यह थी कि मुंबई, दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों ने दरवाजों पर बैठकर सफर किया। सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली-हावड़ा, मुंबई, फर्रुखाबाद, बांदा व झांसी रूट की ट्रेनों में रही।
होली का त्योहार तो शुक्रवार को था लेकिन रविवार तक कार्यालय बंद थे। रविवार को वापसी करने वालों ने ट्रेन पकड़नी शुरू की। यह हालात सोमवार को भी रहे। सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली, मुंबई जाने वालों और बिहार, झारखंड से आने वालों की रही। इस कारण लंबी दूरी की ट्रेनें फुल रही। सेंट्रल स्टेशन पर सोमवार दोपहर पनवेल (महाराष्ट्र) से चलकर गोरखपुर जाने वाली 15066 पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस पहुंची तो यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। एसी कोच को छोड़कर बाकी कुछ ही देर में फुल हो गए। आलम यह था कि लोग दरवाजे पर लटके रहे और ट्रेन चल दी। ट्रेन के दरवाजे पर लोगों ने बैठकर और गलियारे व शौचालय में खड़े होकर सफर किया। जनरल व स्लीपर कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। लंबे रूट की लगभग हर ट्रेनों में ऐसे ही हालात रहे।
सेंट्रल स्टेशन पर उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पटरी पारकर बदला प्लेटफार्म
लाख कोशिशों के बाद भी यात्री पटरी पार कर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने की आदत नहीं छोड़ रहे। सोमवार को प्लेटफार्म पांच पर आने वाली पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस का प्लेटफार्म बदलकर सात हो जाने से लोग पटरी पार कर जाने लगे। इस दौरान दूसरी तरफ से एक मालगाड़ी भी आ रही थी पर लोग नहीं माने।
सेंट्रल स्टेशन पर उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
जीआरपी, आरपीएफ के जवान रहे सतर्क
दूसरे दिन भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेंट्रल स्टेशन के हर प्लेटफार्म पर जीआरपी, आरपीएफ व रेलवे कर्मचारी तैनात रहे। अनाउंसमेंट कर सुरक्षाकर्मी लोगों को समझाते रहे कि जल्दबाजी न करें। जवानों ने यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ाने व उतारने में भी मदद की।