जिलाधिकारी ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में बैठक कर 20 एमएलडी कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य की समीक्षा की। बैठक में वेटेक वबाग कंपनी के सीईओ शैलेश कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर देवा आनंद अनुपस्थित रहे। डीएम ने नाराजगी जताते हुए जेटेटा सचिव को कंपनी से 40 करोड़ रुपये जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम को जानकारी दी गई कि एक माह से 207 मीटर पाइपलाइन का कार्य लंबित है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कार्य की धीमी प्रगति पर डीएम ने वेटेक वबाग कंपनी से 40 करोड़ रुपये का जुर्माना तत्काल वसूलने के निर्देश दिए। रैमकी कंपनी की ओर से जून माह से स्लज का उठान नहीं करने के मामले में कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर चेतावनी देने को कहा। बैठक में बताया गया कि इस प्रोजेक्ट की मूल समयसीमा 31 अक्टूबर 2024 निर्धारित थी। अक्टूबर 2024 तक मात्र 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ था जो अब तक 93 प्रतिशत ही पहुंच पाया है।