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Kanpur: गोमाता ट्रस्ट के नाम पर 36 करोड़ की साइबर ठगी, फर्जी मुहर से बना रहे थे नागरिक प्रमाण पत्र, 2 गिरफ्तार

Thu, 23 Jul 2026 09:21 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: गिरफ्तार आरोपी पार्षदों की फर्जी मुहर से नागरिक प्रमाण पत्र बना रहे थे। फिंगर स्कैनर भी मिला है।
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पुलिस ने किया घटना का खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फीलखाना पुलिस ने गोमाता गोरक्षा सेवा मंच के नाम पर ट्रस्ट बनाकर साइबर ठगी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि ट्रस्ट के नाम पर खोले गए म्यूल खाते में दो साल में 36 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ। गिरफ्तार आरोपियों में फिनो पेमेंट बैंक का कर्मचारी विक्रम कुमार बिठूर का निवासी है। ट्रस्ट खोलने वाला सूरज निषाद मूल रूप से कोरा कारन फतेहपुर का निवासी है और वर्तमान में सनिगंवा चकेरी में रह रहा है।
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इनके पास से कल्याणपुर और उस्मानपुर वार्डों के पार्षदों की फर्जी मुहरें भी बरामद हुई हैं। सूरज पर फिरोजाबाद, गाजियाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी और शाहजहांपुर में धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं जबकि विक्रम बाइक चोरी में जेल जा चुका है। वहीं, एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि ट्रस्ट के नाम खुले म्यूल खाते में पांच-छह राज्यों से करीब 178 शिकायतें मिली हैं।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
शिकायतों के आधार पर सात करोड़ रुपये एनसीआरपी की ओर से लीन (अस्थायी होल्ड) किए गए हैं। सूरज लोगों को रकम दोगुनी करने व डिजिटल अरेस्ट करके ठगी की रकम गो-माता ट्रस्ट में मंगवाता था। दोनों ने मिलकर शहर की चार बैंकों में भी म्यूल खाते खुलवाए थे। इनमें भी ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। ये साइबर ठगों को भी म्यूल खाते उपलब्ध कराते थे।

 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
सूरज और विक्रम के पास कुछ लेटर पैड भी मिले हैं। मुहरों और लेटर पैड के माध्यम से दोनों लोगों की नागरिकता प्रमाणित कर उसका इस्तेमाल म्यूल खाते खोलने और लोन पास कराने में करते थे। विक्रम के पास से पुलिस को बैंकों की नई पास बुक और चेक बुक भी मिली हैं। विक्रम फिनो पेमेंट बैंक में एकाउंट खोलने का काम करता था। सूरज ने ठगों का एक व्हाट्सअप ग्रुप भी बना रखा था जिसमें कोडवर्ड में बातचीत हुआ करती थी।
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