फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: लंबे समय से जमे क्राइम ब्रांच के 22 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, ये रही पूरी जानकारी

Wed, 03 Jul 2024 11:46 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

क्राइम ब्रांच के 22 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। लाइन हाजिर होने वालों में चार दरोगा, तीन हेड कांस्टेबल व 15 कांस्टेबल शामिल हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

क्राइम ब्रांच के साइबर सेल, साइबर क्राइम थाने व स्वाट टीम में लंबे समय से जमे 22 पुलिस कर्मियों को जनहित में लाइन हाजिर कर दिया गया। इनमें चार दारोगा, तीन हेड कांस्टेबल, 15 सिपाही शामिल हैं। ऐसा पहली बार हुआ इतनी बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर किया गया है। आदेश के साथ ही सभी को रिलीव भी कर दिया गया है। हालांकि इनमें से कुछ पुलिस कर्मियों ने साइबर सेल से जोन में जाने की इच्छा जाहिर की थी तो कुछ साइबर सेल में काम नहीं करना चाहते थे।
विज्ञापन


शहर में लगातार साइबर अपराध से जुड़े मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन मामलों का निस्तारण आने वाली शिकायतों की तुलना में काफी कम है। साथ ही जांच की गुणवत्ता और कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसी ही कुछ शिकायतें उच्चाधिकारियों के पास पहुंची, जिसके बाद गोपनीय जांच में पुलिस कर्मियों के लंबे समय से जमे रहना ही प्रमुख कारण बनकर सामने आया। सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से जमे होने की वजह से काफी पुलिस कर्मी लापरवाह हो गए हैं। वहीं, कुछ पुलिसकर्मियों पर अपराधियों के साथ मिलीभगत के भी आरोप हैं। साथ ही पीड़ितों के साथ व्यवहार और शिकायतों के निस्तारण, खासकर रुपये वापस कराने के दौरान पीड़ितों को किन्हीं कारणों चक्कर कटवाने की बातें भी सामने आई। इसी के चलते क्राइम ब्रांच में तैनात 22 पुलिसकर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। एसीपी क्राइम मोहम्मद मोहसिन खां ने कहा कि इनकी जगह पर जल्द ही नए दरोगा व सिपाहियों की तैनाती की जाएगी।

ये पुलिस कर्मी किए गए लाइन हाजिर
साइबर सेल: एसआई पवन प्रताप, सचिन कुमार, बृजेश भाटी, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रताप, पवन राजपूत, अभिषेक कुमार, राजेश कुमार, मनोज कुमार, महिला कांस्टेबल पुष्पा सिंह, पूनम परिहार, अमिता यादव, प्रियंका पांडेय
साइबर क्राइम थाना: कांस्टेबल राबिन सिंह, अजय कुमार, महिला कांस्टेबल मोनिका, विजय लक्ष्मी, अरुणा सिंह
स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच: एसआई राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह और क्राइम ब्रांच की विवेचना विंग में तैनात महिला कांस्टेबल पूनम

क्या है तबादले की सामान्य परंपरा
तबादला आदेश में जनहित तो लिखा गया है लेकिन अधिकारी यह बताने से बच रहे हैं कि आखिर ये पुलिसकर्मी ऐसा क्या कर रहे थे जिससे जनता का अहित हो रहा था। खास बात यह है कि परंपरागत तौर पर इतने बड़े पैमाने पर तबादला होने पर हटने वालों की जगह दूसरों की तैनाती भी कर दी जाती है। लेकिन इस मामले में हटाने की इतनी जल्दी रही कि दूसरों की तैनाती की सूची ही नहीं बन सकी। खास बात यह है कि सभी को रिलीव भी कर दिया गया है।

 
विज्ञापन

कुछ ने जोन में जाने की इच्छा जताई तो कुछ काम में थे लापरवाह
साइबर सूत्रों के अनुसार कुछ पुलिस कर्मियों ने डीसीपी क्राइम से साइबर सेल से जोन में जाने की अर्जी दी थी, तो कुछ काम में लापरवाही कर रहे थे। वे साइबर के काम के तरीकों को सीखना नहीं चाहते थे। लिहाजा उन्हें भी लाइन का रास्ता दिखा दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें