विवाद के बाद छोड़ दिया था कार्यक्रम
बाबा का 2015 में गल्लामंडी के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में सत्संग हुआ था। इस सत्संग के दौरान आयोजक मंडल के सदस्यों में विवाद हो गया, जिसके बाद बाबा सत्संग बीच में छोड़कर चले गए। इसके बाद सजेती में सत्संग हुआ, इसके बाद वे कानपुर नहीं आए। लोगों का कहना है कि भक्तों की संख्या बढ़ने के बाद ही बाबा ने बिधनू में जमीन खरीदकर आश्रम का निर्माण शुरू कराया।
बिधनू में बाबा के आश्रम में के बारे में जानकारी मिली है। इसको लेकर कोई विवाद है या नहीं, कोई रिपोर्ट दर्ज हुई थी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। जांच की जा रही है। ग्रामीणों की समस्याओं का पता चला है, जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।- रविंद्र कुमार, डीसीपी साउथ