पूर्व डीजीपी से दो बंगले खाली कराए जाने के बाद अब 19 बंगलों पर नजर टिकी है। इन बंगलों पर भी कब्जा है, इनके संबंध में सीबीआई को अपनी रिपोर्ट देनी है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बीआईसी और लाल इमली में काम करने वाले पूर्व अफसरों और कर्मचारियों ने भी बंगलों और सेटलमेंट कॉलोनी में कब्जा कर रखा है।
इन सबके खिलाफ पीपी एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूर्व सौ अफसरों और दो सौ कर्मचारियों को नोटिस भी भेजा गया है। जंगल एनेक्सी, इमली हाउस, सीसामन के अलावा चुन्नीगंज के पास स्थित कई बंगलों पर कब्जा है। मकरावटगंज स्थित सेटलमेंट कॉलोनी में भी लोगों का कब्जा है।
इसके अलावा सिविल लाइंस स्थित बंगले पर एक ट्रैवेल एजेंसी संचालक ने कब्जा कर रखा है। बीआईसी के अधिवक्ता डॉ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि पीपी एक्ट के तहत सभी को नोटिस भेजा गया है। बता दें बीआईसी के बेशकीमती बंगलों को कौड़ियों के भाव खरीदने के मामले में सीबीआई ने नवंबर 2018 में बीआईसी के पूर्व सीएमडी केएस दुग्गल और कंपनी सचिव केसी बाजपेई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देेश पर एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि अभी तक सीबीआई ने रिपोर्ट नहीं लगाई है।