कानपुर कमिश्नर यात्री बनकर बसों में घूमे
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कानपुर में सिटी बसों में न सिर्फ यात्री सुविधाओं का टोटा है, बल्कि ड्राइवर और कंडक्टरों की मनमानी से विभाग को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। सालों से चल रहे इस खेल का खुलासा गुरुवार को हुआ। मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने दो सिटी बसों में आम यात्री बनकर यात्रा करने के साथ छह अफसरों को अलग-अलग रूटों की 12 बसों का हाल जानने के लिए भेजा।
सफर में मनमानी और अराजकता मिलने पर 14 संविदा ड्राइवरों को बर्खास्त और 13 कंडक्टरों को निलंबित कर दिया। साथ ही बसों के खराब रखरखाव पर एआरएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नगरीय बस सेवा की बसों में प्रवर्तन दल के सदस्यों को यह कमियां न दिखने को लापरवाही मानते हुए मंडलायुक्त ने इनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है।
आउटसोर्सिंग कंपनी को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। बसों में सफर के दौरान मंडलायुक्त ने देखा कि बसों में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। ड्राइवर-कंडक्टर न मास्क लगाए थे और न ही वर्दी में थे। यात्रियों के मास्क न लगाने पर कोई टोकाटाकी नहीं हो रही थी।
एक कंडक्टर ने यात्री से किराया तो लिया पर टिकट नहीं दिया। बसों में फर्स्टएड बॉक्स नहीं था और न ही एलईडी डिस्प्ले बोर्ड काम कर रहा था। मंडलायुक्त ने बस नंबर यूपी 78 बीटी 5708 में हर्षनगर से चुन्नीगंज तक और यूपी 78 बीटी 5698 में रावतपुर से हर्षनगर तक सफर किया।