रास्ते में ही थम गईं सांसें
अहमदाबाद में प्राथमिक उपचार के बाद भी हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर कानपुर आ रहे थे, लेकिन रास्ते में ही हिमांशु की सांसें थम गईं और उसने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
बुझ गया परिवार का सहारा
शुक्रवार सुबह जब युवक का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे गांव में मातम छा गया। हिमांशु अपने घर का बड़ा बेटा था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। उसकी असमय मौत से मां शोभा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई सुधांशु (15), विमल (12), बहन श्वेता (18) और बीनू (14) रो-रोकर बेसुध हो गए।