फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kannauj: प्रताड़ना से तंग एलएलबी छात्र ने जहर खाकर दी जान, ऑनलाइन जुआ खेलने की थी लत

Thu, 02 Feb 2023 11:44 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

यूपी के कन्नौज जिले में एलएलबी के छात्र ने जहर खाकर जान दे दी। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
विज्ञापन
आशुतोष त्रिपाठी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कन्नौज जिले के छिबरामऊ में मां के साथ ननिहाल में रह रहे एलएलबी के छात्र ने प्रताड़ना से तंग आकर जहर खाकर जान दे दी। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। छात्र ने सुसाइड नोट में गांव के ही एक युवक पर दो लाख रुपये की वसूली के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन


घटना कसावा क्षेत्र के गांव गागिन नगला की है। ओमप्रकाश त्रिपाठी का पुत्र आशुतोष त्रिपाठी (24) मां स्नेहलता उर्फ बबीता के साथ ननिहाल में रहता था। वह बिल्हौर से एलएलबी की पढ़ाई भी कर रहा था। 26 जनवरी की रात को बबिता ने कानपुर के चौबेपुर स्थित गांव शादीपुर-मंधना में रहने वाले बड़े बेटे अभिषेक त्रिपाठी को रात में फोन करके आशुतोष के जहर खा लेने की जानकारी दी।

इस पर वह गांव पहुंच गया और भाई को गंभीर हालत में छिबरामऊ लाया। यहां से गंभीर हालत में उसे फर्रुखाबाद ले गया। वहां इलाज के दौरान आशुतोष की मौत हो गई। इससे परजिनों में कोहराम मच गया। उसके शव को गागिन नगला गांव ले आए। भाई अभिषेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि गागिन नगला गांव का विक्रम रुपये के लिए भाई को परेशान कर रहा था।

विज्ञापन

वह दोगुने पैसे वसूल करने व उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था। मानसिक प्रताड़ना से त्रस्त होकर भाई ने जहर खा लिया। परिजनों ने बताया कि आशुतोष की मां इकलौती बेटी हैं। नाना की सेवा के लिए वह मां के साथ गांव में ही रहता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में कोतवाल संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि आरोपी विक्रम के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, उसकी तलाश में दो टीमें भी लगाई गई हैं।

युवक से की जा चुकी दो लाख की वसूली
आशुतोष त्रिपाठी के शव के पास से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें गांव के ही विक्रम की ओर से उससे दो लाख रुपये की वसूली करने का आरोप लगाया गया है। अब पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से मामले की जांच में जुटी हुई है।
विज्ञापन

कहां से लाएं पैसे, मेरे पास नहीं हैं
परिजनों ने बताया कि 26 जनवरी की रात को आशुतोष छत पर चला गया और फोन पर किसी से तेज आवाज में कह रहा था कि वह पैसे कहां से लाए, उसके पास नहीं हैं। इसके बाद बातचीत में खेती का भी जिक्र हुआ। दूसरी तरफ से फोन पर बात करने वाला युवक खेती बेचकर पैसे चुकाने की बात आशुतोष से कह रहा था।

ऑनलाइन जुआ खेलने की थी लत
भाई अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि विक्रम ने भाई को ऑनलाइन जुआ खेलने की लत लगाई थी। कुछ पैसे देकर उससे दो से तीन गुनी रकम वसूली जाती है और उसे मानसिक रुप से प्रताड़ित किया जाता था। इस भंवर में गांव के कुछ और युवा भी फंसे हैं। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की है। आरोपी के पांच हजार के बदले छह हजार रुपये मांगे जाने के स्क्रीनशॉट भी उसके पास मौजूद हैं, जिसको वह जांच के लिए पुलिस को भी देंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें