वह दोगुने पैसे वसूल करने व उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था। मानसिक प्रताड़ना से त्रस्त होकर भाई ने जहर खा लिया। परिजनों ने बताया कि आशुतोष की मां इकलौती बेटी हैं। नाना की सेवा के लिए वह मां के साथ गांव में ही रहता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में कोतवाल संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि आरोपी विक्रम के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, उसकी तलाश में दो टीमें भी लगाई गई हैं।
युवक से की जा चुकी दो लाख की वसूली
आशुतोष त्रिपाठी के शव के पास से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें गांव के ही विक्रम की ओर से उससे दो लाख रुपये की वसूली करने का आरोप लगाया गया है। अब पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से मामले की जांच में जुटी हुई है।
कहां से लाएं पैसे, मेरे पास नहीं हैं
परिजनों ने बताया कि 26 जनवरी की रात को आशुतोष छत पर चला गया और फोन पर किसी से तेज आवाज में कह रहा था कि वह पैसे कहां से लाए, उसके पास नहीं हैं। इसके बाद बातचीत में खेती का भी जिक्र हुआ। दूसरी तरफ से फोन पर बात करने वाला युवक खेती बेचकर पैसे चुकाने की बात आशुतोष से कह रहा था।
ऑनलाइन जुआ खेलने की थी लत
भाई अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि विक्रम ने भाई को ऑनलाइन जुआ खेलने की लत लगाई थी। कुछ पैसे देकर उससे दो से तीन गुनी रकम वसूली जाती है और उसे मानसिक रुप से प्रताड़ित किया जाता था। इस भंवर में गांव के कुछ और युवा भी फंसे हैं। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की है। आरोपी के पांच हजार के बदले छह हजार रुपये मांगे जाने के स्क्रीनशॉट भी उसके पास मौजूद हैं, जिसको वह जांच के लिए पुलिस को भी देंगे।