रकम और जेवरात सुरक्षित कैसे बच गए?
पति का शव देखते ही पत्नी ने हत्या की चीख-पुकार मचाते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मामले ने दिलचस्प मोड़ तब लिया जब अलमारी की जांच की गई। करीब 10 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के जेवर बिल्कुल सुरक्षित मिले। अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर वारदात के पीछे कोई रंजिश या लूट थी, तो इतनी बड़ी रकम और जेवरात सुरक्षित कैसे बच गए?
गांव वालों का दावा बनाम पत्नी का आरोप
गांव वालों का कहना है कि पूर्व प्रधान की मौत किसी हादसे या हार्ट अटैक से हुई है। पत्नी का दावा है कि ओमकार गुप्ता की बाकायदा साजिश के तहत हत्या की गई है। सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। थाना प्रभारी रंजना पांडेय के मुताबिक, शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर गहराई से छानबीन कर रही है, लेकिन मौत का असली राज पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।