10 दिन पहले से लापता आभूषण कारीगर का कंकाल सेना के मैदान में झाड़ियों में मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और साक्ष्य एकत्र किए। पिता ने हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जाहिर की है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामगंज निवासी राजेंद्र वर्मा का पुत्र गौरव वर्मा (22) कस्बा के तिराहा स्थित एक सोने चांदी की दुकान पर आभूषण बनाने का काम करता था। पिता ने बताया कि 25 अगस्त की शाम सात बजे के बाद बेटा कहीं चला गया था। मोबाइल भी स्विच ऑफ था। काफी ढूंढने के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो 26 अगस्त को कोतवाली में गुमशुदगी की दर्ज कराई। किसी अनहोनी की आशंका के चलते सेना के मैदान में 28 अगस्त को नगर पालिका के तमाम सफाई कर्मचारियों के साथ झाड़ियाें में उसे ढूंढा गया, लेकिन उसका कोई पता नहीं लग सका। बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे लोगों ने सेना के मैदान में झाड़ियों में कंकाल पड़ा देखा। जानकारी मिलते ही राजेंद्र वर्मा भी मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त अपने पुत्र गौरव वर्मा के रूप में की। सीओ सदर कमलेश कुमार, कोतवाल आलोक दुबे फॉरेंसिक टीम और पुलिस वालों के साथ मौके पर पहुंचे। राजेंद्र ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त की शाम बेटे के साथ चार लोग देखे गए थे, जिन पर उन्होंने हत्या करने का शक जताया। सीओ सदर कमलेश कुमार ने बताया कि लापता युवक की गुमशुदगी दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की करवाई की जाएगी।