इंवर्टर के करंट से 20 अगस्त को बेटा-बेटी की मौत के बाद परिवार पर रविवार को एक और दुखों का पहाड़ टूट गया। घटना के बाद सदमे से मां की तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान कानपुर में मां ने भी दम तोड़ दिया। परिवार के साथ गांव के लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
जलालाबाद क्षेत्र के गांव नेकपुर कायस्थ निवासी नेमा देवी (43) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। पति दिनेश जाटव नेपाल में प्राइवेट नौकरी करते हैं। 20 अगस्त को नेमा देवी की बेटी नेहा (17) घर में लगे इंवर्टर के करंट की चपेट में आ गई थी। भाई सनी (19) ने बचाने का प्रयास किया तो दोनों की करंट से मौत हो गई थी। बेटा-बेटी की मौत के बाद नेमा देवी सदमे में चली गई थीं।
दोनों के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने नेमा देवी को सदर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां पर हालत में सुधार न होने पर पति ने कानपुर में भर्ती कराया था। देर शाम के कानपुर में इलाज के दौरान नेमा देवी ने दम तोड़ दिया। भाई-बहन के बाद मां के निधन से काजल के सिर से मां का आंचल भी छूट गया। रात में शव गांव आते ही मातम पसर गया। हर किसी की आंख से आंसू छलक रहे थे।