कन्नौज में बीएसए कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक विमल पांडेय को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ने का दावा करने वाली एंटी करप्शन टीम अब खुद सवालों में घिर गई है। सीसीटीवी की फुटेज और एंटी करप्शन टीम पर सवाल उठने के बाद विभाग सक्रिय हो गया है। सोमवार को एंटी करप्शन विभाग की एएसपी इंदू प्रभा सिंह की अगुआई में लखनऊ से आई टीम ने पड़ताल की।
टीम ने कर्मचारियों से बारी-बारी 29 फरवरी को एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने वायरल वीडियो में लिपिक को रुपये देने वाले युवक और बीएसए कक्ष में घुसकर वहां लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर ले जाने वाले व्यक्ति से जुड़ी जानकारी मांगी। कर्मचारियों ने उनमें से किसी को भी पहचानने से इंकार कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि जिस समय एंटी करप्शन टीम के लोग कार्रवाई कर रहे थे, वह संदिग्ध युवक भी टीम के साथ ही थे। बाद में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में इंदू प्रभा सिंह ने बताया कि अभी जांच चल रही है। उनके मुताबिक वह जब जांच के लिए यहां आईं तो कई कर्मचारी कार्यालय से जा चुके थे।