इसी चूल्हे में गिरी थी मासूम
- फोटो : amar ujala
कस्बा के जीटी रोड स्थित मोहल्ला गोपाल नगर स्थित टीबी अस्पताल गेट के पास सुशीला देवी दिवाकर अपने परिवार के साथ रहती हैं। उनके साथ उनकी विवाहित बेटी शिवानी और पांच वर्षीय नातिन प्राची भी रहती थी। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे प्राची चूल्हे के पास आग तापने बैठी थी। उसी दौरान अचानक वह सीधे चूल्हे की जलती आग में गिर पड़ी। कुछ ही क्षणों में आग की लपटों ने उसे पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। उस समय प्राची का मामा सूरज भी वहीं बैठा था, लेकिन वह मूक-बधिर और हाथ-पैरों से दिव्यांग होने के कारण न तो उसे बचाने की स्थिति में था।
गोपाल नगर स्थित घर में मौजूद भीड़
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मासूम की मौत ने लोगों को हिलाकर रख दिया
और न ही किसी को आवाज देकर सूचित कर सका। आग लगने के कुछ ही समय बाद जब मां शिवानी और नानी सुशीला लौटकर घर पहुंचीं, तो उन्होंने बेटी की जली हुई लाश देख चीख-पुकार मच गई। पड़ोसी भी शोर सुनकर मौके पर जुट गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। प्राची अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। उसकी मां शिवानी अपनी मां के घर गोपाल नगर में रहती है, जबकि पिता अंकित इटावा के वैशाली घाट क्षेत्र में रहते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पिता अंकित को भी गहरा सदमा पहुंचा। परिवार में मातम का माहौल है। मासूम की मौत ने लोगों को हिलाकर रख दिया है।