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Kanpur News: विधान परिषद समिति की बैठक से गायब रहे कन्नौज के डीएम-एसपी, शासन को देंगे जवाब

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समिति की बैठक में अ​धिकारी। - फोटो : संवाद
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कानपुर। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार स्थित विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति की बैठक में अपने रौद्र रूप में दिखी। बैठक में कन्नौज के डीएम व एसपी के न पहुंचने पर समिति ने खासी नाराजगी जताई।
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डीएम के स्थान पर पहुंचे सीडीओ के काम का हवाला देने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। वहीं, एसपी के प्रतिनिधि बनकर पहुंचे एडिशनल एसपी को बैठक कक्ष से बाहर निकाल दिया। दोनों से जवाब तलब करने के साथ ही पांच अन्य अधिकारियों के गैर हाजिर रहने पर स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने मुख्य सचिव के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए जहां उन्हें बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण साक्ष्य सहित देने होंगे। इसके साथ कानपुर देहात और कन्नौज जिले के पांच अधिकारी अनुपस्थित रहे उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।



सभापति सुरेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति सोमवार को कानपुर पहुंची। नवीन सभागार में समिति ने वर्ष 2022 से अब तक जनप्रतिनिधि, सांसद व विधायकों द्वारा विभागों को लिखे गए पत्रों के निस्तारण की समीक्षा की। सबसे पहले कानपुर देहात और कन्नौज जिले की समीक्षा की। इसके बाद कानपुर नगर की समीक्षा हुई। बैठक में कन्नौज डीएम, एसपी के साथ सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा वर्षा गुप्ता (कानपुर देहात), जिला आबकारी अधिकारी (कन्नौज), अधिशासी अभियंता, नलकूप विभाग (कन्नौज), दिव्यांगजन अधिकारी (कन्नौज), व्यापार कर अधिकारी (कन्नौज) भी अनुपस्थित मिले। सभी को नोटिस भेजकर जवाब मांगने के निर्देश दिए। समीक्षा में कन्नौज जिले का प्रदर्शन काफी खराब रहा। कई पत्र दो साल से लंबित पड़े मिले।
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समिति ने कहा जनप्रतिनिधि के पत्रों का तत्काल जवाब दिया जाए। इसमें लापरवाही ठीक नहीं। सभी विभागों को निर्देश दिए कि शिलापट्टिका पर जनप्रतिनिधियों को नाम अंकित कराएं। प्रत्येक कार्यालय में जनप्रतिनिधियों के पत्र व शिकायतों, सिफारिशों का रजिस्टर बनाया जाए जिसमें शिकायत आने से लेकर उसके निस्तारण और जवाब देने का ब्योरा लिखा जाए। इसके साथ ही राजस्व कार्यों में लेखपाल, कानूनगो, पुलिस आदि निचले स्तर के अधिकारियों की निगरानी कड़ी हो। उन्होनें अधिकारियों को निर्देश किए शराब की दुकानें घनी बस्ती, स्कूल, मंदिर के पास बिल्कुल न खोलने दें। इसपर कड़ी निगरानी रखी जाए। समिति में हंसराज विश्वकर्मा, श्रीचंद्र शर्मा, रामसूरत राजभर, उमेश द्विवेदी, धर्मेंद्र सिंह, डा. बाबूलाल तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, सुभाष यदुवंश, मुकेश शर्मा, किरणपाल कश्यप, आशुतोष सिन्हा उपस्थित रहे।



कानपुर नगर में पीडब्ल्यूडी के सबसे ज्यादा पत्र लंबित
विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति ने कानपुर के 29 विभागों को जनप्रतिनिधियों द्वारा लिखे गए पत्रों की समीक्षा की तो लोक निर्माण की सबसे ज्यादा लापरवाही मिली। 465 में करीब 338 पत्रों का लोक निर्माण विभाग की तरफ से निस्तारण नहीं किया गया। कानपुर विकास प्राधिकरण ने 44 में 41 प्रकरणों का निस्तारण नहीं किया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने 153 में 13 प्रकरण लंबित हैं। वहीं एक मामला प्रभागीय वन अधिकारी के स्तर का लंबित मिला।
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ये भी दिए निर्देश
- ऋण योजनाओं में लाभार्थी को बैंक द्वारा परेशान किया जाए, समय पर लोन दें।
-जलजीवन मिशन के तहत डाली गई पाइपलाइन का कार्य पूरी तरह रिस्टोर हो।
-पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते समय एक ही वाहन न सभी भरें। इसपर कार्रवाई होगी।
-डीपीआरओ, कानपुर देहात यह सुनिश्चित करें कि मृत्यु प्रमाण पत्र में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
-एनजीटी से एनओसी प्राप्त इकाइयां ही संचालित हों। बिना एनओसी के संचालित इकाइयों पर कार्रवाई करें।
- शिक्षा एवं पोषण के तहत सभी बीएसए स्वयं बच्चों के साथ मिड डे मील का भोजन करें और गुणवत्ता देंखे।
- जेलों में भी भोजन की गुणवत्ता को प्रतिदिन जांचे।
- अगर कहीं पर अवैध शराब बन रही हो तो उसपर तत्काल कार्रवाई करें।
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