औरैया के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में जेल काट रहे सपा एमएलसी कमलेश पाठक को गैंगस्टर के मामले में सत्र न्यायालय से जमानत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर रजत सिन्हा ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। दोहरे हत्याकांड में हाईकोर्ट से जमानत पा चुके कमलेश पाठक को सलाखों से बाहर आने के लिए गैंगस्टर मामले में भी हाईकोर्ट से जमानत हासिल करनी होगी।
इधर हत्या के मामले में आज दूसरे गवाह पर बचाव पक्ष की जिरह जारी रही तथा बुधवार को भी इसमें सुनवाई जारी रहेगी। 15 मार्च 2020 से शहर के दोहरे हत्याकांड में आरोपित किए गए सपा एमएलसी कमलेश पाठक को आज सत्र न्यायालय से निराशा हाथ लगी। हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है लेकिन उन पर गैंगस्टर का मामला दर्ज होने से इस मामले में भी जमानत पाना जरूरी है। कमलेश पाठक की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की गई थी।
जिस पर उनके वकील कृपानंद उर्फ गोपाल बाजपेई व सुभाष त्रिपाठी ने बहस की। वहीं अभियोजन की ओर से एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा व हृदयनरायन पांडेय ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर व एमपीएमएलए कोर्ट रजत सिन्हा ने देर शाम निर्णय सुनाते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के मामले में भी जमानत याचिका खारिज की। बचाव पक्ष ने कोर्ट के इस निर्णय के विरोध में शीघ्र हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की बात कही है।
इधर अधिवक्ता मंजुल चौबे व चचेरी बहन सुधा की हत्या के मामले में मंगलवार को सुनवाई आगे जारी रही। अभियोजन को दूसरे गवाह पर जिरह आज भी जारी रही। कोर्ट ने 27 अप्रैल को भी सुनवाई जारी रखने की तिथि तय की है। दोहरे हत्याकांड में आरोपित सभी 11 आरोपियों को सुनवाई के लिए विभिन्न जेलों से विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच गवाह तथा आरोपी कोर्ट में पेश हुए। गैंगस्टर व आम्र्स एक्ट के मामले में कमलेश पाठक की जमानत याचिका का निर्णय जानने के लिए उनके परिजन देर शाम तक जिला जजी में इंतजार करते रहे।