इटावा। 1108 कुंडीय यज्ञ के लिए गाजे-बाजे के साथ शनिवार सुबह कलश यात्रा निकाली गई। करीब तीन किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों महिलाएं पीले वस्त्र पहनकर शामिल हुईं। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु जमकर थिरके। जगह-जगह कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा करके स्वागत किया गया।
हिंदू हॉस्टल परिसर में 1108 कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए शनिवार को कलश यात्रा निकाली गई। इसमें पीतांबर धारण कर, मस्तक पर कलश लिए, वैदिक मंत्रों और भक्ति गीतों के साथ नगर की सड़कों से गुजरीं। यज्ञाधीश रामदास जी महाराज ने इस ऐतिहासिक अवसर पर कहा यह यात्रा केवल नगर की परिक्रमा नहीं, बल्कि इष्टिकापुरी की आत्मा का जागरण है। यहां के धर्मनिष्ठ लोगों ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज यज्ञभाव में जागृत होता है, तो ईश्वर स्वयं उसमें सहभागी बनते हैं। पूरे नगर में आज भक्ति, उल्लास और वैदिक ऊर्जा का अनुपम संगम देखने को मिला। यात्रा शामिल पालिकी को सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कंधे पर लेकर जयकारे लगाए। सबसे आगे पालकी पर वेद भगवान, भव्य रथों पर पूज्य संत योगी राकेशनाथ जी ऋषिकेश, पिलुआ धाम के पीठाधीश्वर महंत हर भजन दास महाराज, संत शिवम शंभू महाराज रथों पर सवार रहे। शहर के प्रमुख मार्गों, रामलीला रोड, भारों वाला चौराहा, सिंधी मार्केट, तहसील चौराहा, बजाजा लाइन, नगर पालिका चौराहा, पक्की सराय, तिकोनिया, नौरंगाबाद चौराहा, साबित गंज चौराहा, रामगंज चौराहा, कटरा सेवाकली, तकिया आजादगान से पक्का बाग चौराहा होते हुए वापस यज्ञ स्थल पर पहुंची।