मामले में पीयूष, मनीषा मखीजा, मनीषा के ड्राइवर अवधेश कुमार चतुर्वेदी, अवधेश के साथी रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया, सोनू कश्यप व आशीष कश्यप आरोपी हैं। पीयूष के माता-पिता व दो भाइयों को भी पुलिस को समय पर सूचना न देने के लिए आरोपी बनाया गया है।
आरोपी अवधेश, अखिलेश और सोनू जेल में बंद हैं जबकि बाकी सभी को जमानत मिल चुकी है। 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे के हर हाल में तीन माह में निस्तारण के निर्देश दिए थे। सख्त टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से भी मामले का निस्तारण न होने के कारणों का पता लगाने को कहा था। जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई में तेजी आई और कोर्ट ने प्रतिदिन सुनवाई कर सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद आखिर फैसले की तारीख नियत कर दी।